- राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपने स्वार्थ में इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया
- उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी चुनाव आयोग को अपनी कठपुतली बनाकर रखा था
- राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर युवाओं को राजनीतिक टकराव में उलझाकर राष्ट्र निर्माण में बाधा डालने का आरोप लगाया
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपने हित में इस्तेमाल करने का रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसने चुनाव आयोग को अपनी 'कठपुतली' बनाकर रखा था. राजनाथ सिंह ने कहा कि आज वही विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है.
युवाओं को बनाया जा रहा है राजनीतिक टकराव का औजार: राजनाथ
रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण और रचनात्मक कार्यों में लगाने के बजाय राजनीतिक टकराव की दिशा में मोड़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि समर्थक संगठनों के माध्यम से युवाओं को अराजक राजनीति का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है. विपक्ष का उद्देश्य देश के विकास में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें राजनीतिक संघर्ष में झोंकना है.
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— BJP (@BJP4India) October 16, 2026
'बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश'
राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत में भी बांग्लादेश की तर्ज पर 'रेजीम चेंज' की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार बदलने और राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती देने जैसी बातें कही गई हैं, जो उनकी मंशा को दर्शाती हैं. उनके अनुसार विपक्ष का एकमात्र एजेंडा सरकार को अस्थिर करना और राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देना है.
'लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख बचाने की जरूरत'
रक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार या एसआईआर जैसे मुद्दों के लिए नहीं है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के लिए है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संघर्ष संवैधानिक दायरे के भीतर होना चाहिए. अराजकता और टकराव के जरिए राजनीति करना लोकतंत्र के हित में नहीं है.
'कांग्रेस ने चुनाव आयोग को कठपुतली बनाकर रखा'
रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के इतिहास के पन्नों को पलटकर देखिए, कई काले अध्याय आपको मिलेंगे. चुनाव आयोग और इस देश की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले राहुल गांधी की कांग्रेस ने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को किस प्रकार अपनी कठपुतली बनाकर रखा था. 1993 में कांग्रेस सरकार ने चुनाव आयोग में अचानक बदलाव कर दिया. रातों-रात चुनाव आयोग में 2 नए इलेक्शन कमिश्नर नियुक्त किये गए.
मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर चुनाव आयुक्त नवीन चावला को पद से हटाने की सिफारिश की थी और उन्होंने ये आरोप लगाया था कि नवीन चावला ने चुनाव आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की थी. लेकिन कांग्रेस ने न केवल नवीन चावला को बचाने का काम किया, बल्कि उन्हें चीफ इलेक्शन कमिश्नर भी बनाया था. क्योंकि वो नेहरू गांधी परिवार के करीबी थे.

राजनाथ सिंह
'हिंसा और अराजकता की आग में देश को झोंकना चाहती है कांग्रेस'
राजनाथ सिंह ने कहा, 'आज हिंसा और अराजकता की जिस आग में कांग्रेस देश को झोंकना चाहती है और बांग्लादेश जैसी स्थिति का निर्माण करने का स्वप्न देख रही है, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि अब गांधी नाम प्रयोग करने का सारा नैतिक अधिकार कांग्रेस ने पूरी तरह खो दिया है. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस 37 साल से सत्ता से बाहर है. ये वोट चोरी की वजह से है या काम चोरी की वजह से! देश की जनता ये भलीभांति जानती है.
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