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केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशण के बीच फंसे राहुल, पब्लिक और विधायकों की पसंद अलग-अलग

केरल में मुख्यमंत्री की रेस में चार नाम हैं.सबसे पहले नंबर पर के सी वेणुगोपाल का नाम है फिर नाम आता है वी डी सतीशन का जो विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता थे,फिर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला आते है वहीं प्रदेश अध्यक्ष के सुधाकरण भी अपने आप को रेस में मान रहे हैं.

केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशण के बीच फंसे राहुल, पब्लिक और विधायकों की पसंद अलग-अलग
केरल में सीएम का नाम चुनने को लेकर फस गया है पेच
NDTV
नई दिल्ली:

केरल में मुख्यमंत्री चुनने के लिए कांग्रेस में सलाह मशविरा का दौर चल रहा है.सबसे पहले कांग्रेस ने अपने दो वरिष्ठ नेता अजय माकन और मुकुल वासनिक को पर्यवेक्षक बना कर भेजा.दोनों नेताओं ने तिरूवनंतपुरम जाकर विधायकों से मुलाकात की और अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपी.कहा गया कि अधिकतर विधायक कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल के पक्ष में हैं.मामला फंसता देख कांग्रेस आलाकमान ने केरल के नेताओं को दिल्ली तलब किया. केरल में मुख्यमंत्री की रेस में चार नाम हैं.सबसे पहले नंबर पर के सी वेणुगोपाल का नाम है फिर नाम आता है वी डी सतीशन का जो विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता थे,फिर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला आते है वहीं प्रदेश अध्यक्ष के सुधाकरण भी अपने आप को रेस में मान रहे हैं.

आखिर क्यों हो रही है देरी

अब सिरदर्दी कांग्रेस आलाकमान की बढ़ गई है.विधायक की पसंद के सी वेणुगोपाल बताए जा रहे हैं तो जनता की पसंद वी डी सतीशण.केरल में कांग्रेसी सड़कों पर सतीशण के पक्ष में जुलूस निकाल रहे हैं जिससे कांग्रेस आलाकमान खुश नहीं हैं और सतीशण को ये सब बंद करने के लिया कहा गया है.अब यह कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया में सोनिया गांधी,ए के एंटोनी और यूडीएफ के बाकी घटक दलों को भी शामिल किया जाएगा.यहां पर यह बताना जरूरी है कि केरल के 140 की विधानसभा में यूडीएफ को 102 सीटें मिली है मगर अकेले कांग्रेस को बहुमत नहीं है.

कांग्रेस के 63 और ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के 22 विधायक हैं बाकी सीट अन्य घटक दलों ने जीती है इसलिए आईयूएमएल की राय महत्वपूर्ण हो जाती है.कांग्रेस के घटक दलों का मानना है कि वी डी सतीशण ने जमीन पर लेफ्ट फ्रंट के खिलाफ लड़ाई लड़ी है इसलिए उन्हीं का मुख्यमंत्री पद पर हक बनता है.यदि के सी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो दो दो उप चुनाव कराने पड़ेंगे एक लोकसभा का और एक विधानसभा का.

के सी वेणुगोपाल को राहुल गांधी का करीबी माना जा रहा है

के सी वेणुगोपाल अलाप्पुझा से सांसद हैं.यह भी कहा जा रहा है कि राहुल गांधी के सी को कांग्रेस में ही और बड़ा पद दे सकते हैं.मल्लिकार्जुन खरगे का कांग्रेस अध्यक्ष का टर्म अगले साल खत्म हो रहा है.दूसरी बात वायनाड लोकसभा की भी है जहां से फिलहाल प्रियंका गांधी सांसद है जहां करीब 45 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं. इन सब की वजह से कांग्रेस आलाकमान जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाह रही है क्योंकि किसी भी फैसले का असर दूरगामी हो सकता है वैसे भी केरल विधानसभा की मियाद 23 मई तक है और यही कांग्रेस नेतृत्व को समय दे रहा है किसी भी फैसले पर पहुंचने के लिए.

कुल मिलाकर के सी वेणुगोपाल ने विधायकों के समर्थन का दांव खेला है अब राहुल गांधी को तय करना है कि वो के सी को छोड़ना चाहते हैं या नहीं.वैसे दिल्ली में कांग्रेस के बहुत सारे नेता चाहते हैं कि के सी दिल्ली से जाएं और संगठन महासचिव बनने का उनका नंबर आए.राहुल गांधी के लिए भी निर्णय आसान नहीं है क्योंकि उनके घटक दल और वहां की जनता के लिए वी डी सतीशण पहले नंबर पर आते हैं यानि केरल में मुख्यमंत्री के लिए वहां की जनता को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा. 

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