चेन्नई:
कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सख्त संदेश पर संयंत्र विरोधी प्रदर्शनकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि संयंत्र को बंद नहीं रहने दिया जाएगा और इसे कुछ सप्ताह में सेवा में शामिल कर लिया जाएगा। केएनपीपी प्रदर्शनकारियों ने नववर्ष से विरोध प्रदर्शन तेज करने की धमकी दी है। मॉस्को से लौटते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि कुडनकुलम परमाणु उर्जा संयंत्र परियोजना पर जब देश ने 14 हजार करोड़ रुपये लगा दिए हैं, तो इसे बेकार पड़े नहीं रहने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह के विचार बढ़ते जा रहे हैं कि रूस की सहायता वाली परियोजना के खिलाफ आंदोलन में अति हो गई है, साथ ही विश्वास जताया कि संयंत्र की सुरक्षा को लेकर चिंतित लोगों में अंतत: सद्बुद्धि आएगी। प्रधानमंत्री के विचारों से सहमति व्यक्त करते हुए चेन्नई में गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि केंद्र इस परियोजना को चालू करने के लिए सभी कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में स्थानीय लोगों की चिंताओं को दूर करने के बाद इसे शुरू किया जाएगा। बहरहाल, प्रधानमंत्री के बयान से नाखुश केएनपीपी प्रदर्शनकारियों ने तिरूनेलवेनी में आपात बैठक में केंद्र से संयंत्र में रखे गए यूरेनियम को 31 दिसंबर तक हटाने या प्रदर्शन तेज करने की धमकी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा, (मामला दर्ज होने के बावजूद) प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राज्य सरकार क्यों नहीं कार्रवाई कर रही है। संयंत्र में वैज्ञानिकों को कार्य शुरू करने से प्रदर्शनकारियों के रोकने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र उनके साथ बातचीत करने को इच्छुक है।
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