आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी का दामन थामने सियासी गलियारों में हलचल तेज है. इन 7 सांसदों में से एक राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया है कि पार्टी के नेता आप छोड़ बीजेपी में कैसे शामिल हुए. उन्होंने बताया कि इसकी पटकथा बहुत पहले ही लिखी जा चुकी थी. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात की कहानी भी बताई.
बोले, हमने पंजाब के साथ गद्दारी नहीं की
राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी को छोड़ने का उनका निर्णय किसी निजी स्वार्थ की वजह से नहीं बल्कि पंजाब के हितों की रक्षा के लिए लिया गया एक जज्बाती फैसला है. हमने पंजाब की भलाई के लिए बीजेपी के साथ जाने का निर्णय लिया है. पार्टी भले ही कुछ कहे, हमने पंजाब के साथ गद्दारी नहीं की है.
राघव, संदीप पाठक को पार्टी ने किया साइडलाइन
साहनी ने कहा कि हमने पंजाब के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच सेतु बनने की कोशिश की, लेकिन आपसी लड़ाई-झगड़े में चार साल बीत गए. राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने पंजाब में आम आदमी पार्टी के लिए शानदार काम किया. इनकी मेहनत से ही पार्टी को पंजाब में भारी बहुमत मिला. लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी ने राघव चड्ढा और संदीप पाठक को साइड लाइन कर दिया था. उससे वो काफी दुखी थे.
राघव चड्ढा को हटाने के बाद बदले हालात
साहनी ने बताया कि राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटाने के बाद गर्मागर्मी शुरू हुई. संदीप पाठक और राघव पार्टी में अलग थलग पड़े थे, बाकी हम लोग तो गैर राजनीतिक थे. उन्होंने बताया कि पार्टी छोड़ने से पहले बुधवार को उन्होंने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी. उन्हें तो इस बात का यकीन ही नहीं हो रहा था कि संदीप पाठक पार्टी छोड़ सकते हैं.
#NDTVExclusive | ‘हमने पंजाब को लेकर केंद्र और राज्य के बीच एक ब्रिज बनने की कोशिश भी की लेकि...'- राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह से NDTV की EXCLUSIVE बातचीत@jainendrakumar | #VikramjitSingh pic.twitter.com/HukiFhTqQn
— NDTV India (@ndtvindia) April 25, 2026
अमित शाह से कब हुई मुलाकात?
विक्रमजीत साहनी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि बैसाखी के करीब हम सब बीजेपी नेता अमित शाह से मिले थे. उस मुलाकात में उन्होंने पंजाब के लिए काम करने का भरोसा दिया था. साहनी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का ध्यान सिर्फ बातें बनाने पर है. किसी के पास पंजाब के लिए कोई ठोस योजना नहीं है. सबको 2027 के चुनाव की चिंता है. उन्होंने दावा किया कि पंजाब के विधायक भी असंतुष्ट हैं.
पंजाब की सेवा करने से कोई नहीं रोक सकता
उन्होंने कहा कि हमें पंजाब की सेवा करने से कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया जिसमें उन्हें 'गद्दार' कहा जा रहा था. साहनी ने साफ कहा कि आम आदमी पार्टी चाहे जो कहे, लेकिन उन्होंने पंजाब के साथ कभी गद्दारी नहीं की है और अब वो पंजाब के लिए ज्यादा मजबूती से काम करेंगे.
केंद्र-सरकार का तालमेल पंजाब के लिए अच्छा
बातचीत के दौरान साहनी उस वक्त भावुक हो गए जब उन्होंने बताया कि दिल्ली दंगों में उनके परिवार के छह सदस्य शहीद हो गए थे. उन्होंने कहा कि वे पंजाब और पंजाबियत के लिए अपनी जान लगा देंगे. इसके अलावा उन्हें कुछ और नहीं चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर केंद्र सरकार और पंजाब का तालमेल बैठता है तो राज्य के लिए यह काफी अच्छा होगा.
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