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This Article is From Dec 13, 2011

नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ लोकायुक्त की जांच शुरू

यूपी के पीडब्ल्यूडी मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर मामला दर्ज कर आय से अधिक संपत्ति और ज़मीन घोटाले के मामले में जांच आरंभ कर दी गई है।
Lucknow: मायावती सरकार की परेशानी बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त ने प्रदेश के एक और वरिष्ठ मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी तथा उनकी पत्नी के विरुद्ध मिली भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है। लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने बताया, प्रदेश सरकार के काबीना मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनकी पत्नी तथा विधान परिषद सदस्य हुस्ना सिद्दीकी के विरुद्ध पद के दुरूपयोग एवं भ्रष्टाचार की शिकायतों की प्रारंभिक जांच के बाद दोनों के विरुद्ध मंगलवार को मुकदमा दर्ज करके उन्हें 28 दिसम्बर तक अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा गया है तथा इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी सूचित कर दिया गया है। न्यायमूर्ति मेहरोत्रा ने बताया कि नसीमुद्दीन के विरुद्ध आशीष सागर दीक्षित तथा नसीमुद्दीन एवं उनकी पत्नी हुस्ना सिद्दीकी के विरुद्ध जगदीश नारायण शुक्ल ने पद के दुरूपयोग एवं भ्रष्टाचार के आरोप में शिकायतें दाखिल की थी, जो प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया सही पायी गयी है। आशीष दीक्षित ने नसीमुद्दीन के विरुद्ध पद का दुरूपयोग करके अपने लोगो को अवैध ढंग से खनन के पट्टे आवंटित करवाने तथा बांदा में नजूल भूमि पर नाजायज कब्जे के आरोप लगाये थे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लोकायुक्त ने इस संबंध में बांदा के उपजिलाधिकारी तथा खनन विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें नसीमुद्दीन के विरुद्ध लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाये गये। दूसरे शिकायतकर्ता जगदीश नारायण शुक्ला ने नसीमुद्दीन और उनकी पत्नी के विरुद्ध आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने, बाराबंकी में फर्जी ट्रस्ट के नाम से जमीन खरीदने के आरोप लगाये थे। शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया था कि हुस्ना सिद्दीकी ने विधान परिषद सदस्य बनने के लिए दाखिल नामांकन में सम्पत्ति आदि की जानकारियां छिपायी थी। सूत्रों ने बताया है कि लोकायुक्त की जांच में पता चला है कि बाराबंकी के जिस ट्रस्ट के नाम पर जमीने खरीदी गयी है और अवैध तरीके से निवेश किया गया है, वह कहीं अस्तित्व में ही नहीं है। नसीमुद्दीन मुख्यमंत्री मायावती के खासे करीबी एवं विश्वस्त माने जाते है तथा लोक निर्माण सिचाई आबकारी और गन्ना जैसे भारी भरकम विभागों के मंत्री है। उल्लेखनीय है कि लोकायुक्त की रिपोर्ट पर अब तक प्रदेश के पांच मंत्री राजेश त्रिपाठी अवध पाल सिंह बादशाह सिंह रंगनाथ मिश्र और रतनलाल अहीरवार अपना मंत्री पद गवां चुके है।
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