विज्ञापन

26/11 कांग्रेस-ISI का फिक्स्ड मैच, 'हिंदू आतंकवाद' शब्द UPA सरकार में आया: पूर्व गृह सचिव का आरोप

26/11 की तुलना समझौता एक्सप्रेस हमले से करने को लेकर आरवीएस मणि ने कहा कि ये INC (इंडियन नेशनल कांग्रेस) और ISI के बीच एक फिक्स्ड मैच था. पूरी कहानी का मकसद इसे सिर्फ़ एक हिंदू हमला दिखाना था.

26/11 कांग्रेस-ISI का फिक्स्ड मैच, 'हिंदू आतंकवाद' शब्द UPA सरकार में आया: पूर्व गृह सचिव का आरोप
  • गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने उनसे हिंदू आतंकवाद के मामले खोजने को कहा था
  • आरवीएस मणि के अनुसार 2010 तक गृह मंत्रालय की किसी भी फाइल में हिंदू आतंकवाद का कोई उल्लेख नहीं था
  • मालेगांव मामले को वे झूठा बताते हुए इसे पूर्व निर्धारित स्क्रिप्ट के अनुसार चलाए गए साजिश के रूप में देखते हैं
नई दिल्ली:

गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी रामास्वामी वेंकट सुबरा मणि ने एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू में कई बड़े खुलासे किए हैं. उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय में सेवा के दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मुझसे हिंदू आतंकवाद के मामले खोजने को कहा था. हालांकि मैंने उनसे कहा कि देश में ऐसा कोई मामला नहीं है.

आरवीएस मणि ने स्मिता प्रकाश के पोडकॉस्ट में कहा कि 2010 तक, जब मैं इंटरनल सिक्योरिटी डिवीज़न में था, तो किसी भी फ़ाइल में 'हिंदू टेरर' शब्द का ज़िक्र नहीं था. जून 2006 में, दिग्विजय सिंह ने मुझसे उन मामलों के बारे में जानकारी निकालने को कहा था, जिनमें हिंदू आतंकवाद शामिल हो. फिर मैंने उनसे कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है.

मालेगांव मामले को लेकर आरवीएस मणि ने कहा कि पहले दिन से ही मैं कहता आ रहा हूं कि यह एक झूठा मामला है. ऐसा लग रहा था जैसे कोई पहले से तय स्क्रिप्ट हो और वे उसी स्क्रिप्ट के हिसाब से काम कर रहे हों. साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित, मेजर उपाध्याय... कर्नल पुरोहित का आज जेल से बाहर होना किसी चमत्कार से कम नहीं है. उनकी गिरफ़्तारी कोई इत्तेफ़ाक नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक साज़िश थी. 34 साल की उम्र में, वह सिलेक्शन ग्रेड लेफ्टिनेंट कर्नल थे. अगर वह आर्मी चीफ नहीं भी बनते, तो भी कम से कम कोर कमांडर ज़रूर बनते. पाकिस्तान के लोग नहीं चाहते थे कि वह उस स्तर तक पहुंचें.
Latest and Breaking News on NDTV

26/11 की तुलना समझौता एक्सप्रेस हमले से करने को लेकर आरवीएस मणि ने कहा कि ये INC (इंडियन नेशनल कांग्रेस) और ISI के बीच एक फिक्स्ड मैच था. भारत में राजनेताओं को ऐसा करने से क्या फ़ायदा होता? पूरी कहानी का मकसद इसे सिर्फ़ एक हिंदू हमला दिखाना था. कसाब के हाथ में भी कलावा था, अगर तुकाराम ओंबले ने उसे पकड़ा या मारा न होता, तो आज इसे भी हिंदू आतंकवादी हमला माना जाता.

वहीं इशरत जहां एनकाउंटर केस पर उन्होंने कहा कि मेरे सीनियर अधिकारियों ने इसे राजनीतिक नेताओं की हत्या के मामले में बदल दिया था. अगर मुझे ठीक से याद है, तो नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही निशाने पर थे.

Latest and Breaking News on NDTV

उन्होंने कहा कि बेअंत सिंह हत्याकांड में मैं भारत सरकार का एकमात्र गवाह हूं. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से क्या अहम सबक है? इस सवाल पर आरवीएस मणि ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत, स्वस्थ भारत और कुशल भारत की बात करते हैं. मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री को 'सुरक्षित भारत' की भी घोषणा करनी चाहिए.

इसे भी पढ़ें: लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग करेगा यूएस, अमेरिकी न्याय विभाग ने कर दिया कन्फर्म

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ministry Of Home Affairs (MHA), RVS Mani, Hindu Terrorism, Malegaon 2008 Bomb Blast
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com