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रैपिडो राइडर बनकर करता था आतंकियों के लिए काम, महाराष्ट्र ATS ने जैश से जुड़े संदिग्ध को दबोचा, मोबाइल से मिले अहम सबूत

मुंबई में संदिग्ध की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब कुछ महीने पहले जुलाई में गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक कथित आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान पांच लोगों को हिरासत में लिया था.

रैपिडो राइडर बनकर करता था आतंकियों के लिए काम, महाराष्ट्र ATS ने जैश से जुड़े संदिग्ध को दबोचा, मोबाइल से मिले अहम सबूत
  • महाराष्ट्र ATS ने मुंबई के माहिम इलाके से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है
  • आरोपी मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर रैपिडो चालक और इत्र विक्रेता बनकर कट्टरपंथी विचारधारा फैला रहा था
  • आरोपी टेलीग्राम ग्रुप चलाता था जहां उसने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भड़काऊ ऑडियो अपलोड किए थे
मुंबई:

महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने मुंबई के माहिम इलाके से 33 साल के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. उस पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े होने का संदेह है. आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है. उसे एक गुप्त सूचना के आधार पर महाराष्ट्र ATS की कालाचौकी यूनिट ने माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा.

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी रैपिडो राइडर और इत्र विक्रेता के तौर पर काम करने की आड़ में कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहा था. ATS का आरोप है कि वह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सांप्रदायिक नफरत और देश-विरोधी भावनाएं फैलाने की कोशिश कर रहा था. जांचकर्ताओं को उसके मोबाइल फोन से ऐसी गतिविधियों से जुड़ी सामग्री भी मिली है.

एजेंसी के मुताबिक, आरोपी एक टेलीग्राम ग्रुप चलाता था. आरोप है कि 1 जून को उसने इस ग्रुप पर जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के भड़काऊ ऑडियो भाषण अपलोड किए थे, जिनमें बाबरी मस्जिद और अन्य मुद्दों का जिक्र था. ATS ने यह भी दावा किया कि वह 'इब्न-ए-कासिम' (IBN-e-Qasim) नाम के एक पाकिस्तान-समर्थित कट्टरपंथी टेलीग्राम चैनल का सक्रिय सदस्य था.

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब कुछ महीने पहले जुलाई में गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक कथित आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान पांच लोगों को हिरासत में लिया था. इन पांच आरोपियों की पहचान बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कदीवाला, मोहम्मद पालनपुरी उर्फ ​​खाली अयूब सुनसारा, शफिया रईस मुख्ती और मोहम्मद हसन करदिया के रूप में हुई थी. उन्हें गुजरात के पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका के खडियाल गांव से गिरफ्तार किया गया था.

अधिकारियों ने बताया कि उसी महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आठ कथित सदस्यों की जांच के दौरान ये पांच संदिग्ध जांच के दायरे में आए. आरोपियों को मेहसाणा जिले के कडी कस्बे में न्यायिक मजिस्ट्रेट आर.एम. भाटिया के सामने पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें एटीएस (ATS) की हिरासत में भेज दिया.

सरकारी वकील पी.आर. दंतानी ने अदालत को बताया कि आरोपियों की कथित गतिविधियों की जांच के लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि आरोपियों में से एक ने टाइम बम बनाने की कोशिश की थी, और जांचकर्ताओं को अभी भी बम बनाने का सामान तथा जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा उर्दू साहित्य बरामद करना है.

पत्रकारों से बात करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि जांच के दौरान इन पांच आरोपियों के नाम सामने आए थे. उन्होंने आगे बताया कि एटीएस यह पता लगाना चाहती है कि बम बनाने का यह कथित सामान कहां से आया? इसे कहां छिपाकर रखा गया था? और आरोपियों को प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा जिहादी साहित्य कैसे मिला?

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