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This Article is From Dec 26, 2011

कर्नाटक की राजनीति में बदलाव के प्रणेता बंगारप्पा नहीं रहे

प्रदेश में पहली गैर कांग्रेसी सरकार के रचियता पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा का सोमवार को तड़के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।
बेंगलूर: कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलावों के गवाह और प्रदेश में पहली गैर कांग्रेसी सरकार के रचियता पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा का सोमवार को तड़के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार थे। उनके पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। 79 वर्षीय बंगारप्पा के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे तथा तीन बेटियां हैं। गुर्दे संबंधी बीमारी और मधुमेह से पीड़ित बंगारप्पा का सात दिसंबर से इलाज चल रहा था। उन्होंने कल आधी रात के बाद करीब पौने एक बजे अंतिम सांस ली। बंगारप्पा हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा की पार्टी जनता दल एस में शामिल हुए थे। 26 अक्तूबर 1932 को जन्मे बंगारप्पा ने 1967 में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर मजबूत कदमों के साथ राजनीति में प्रवेश किया और 1972 में देवराज उर्स के मंत्रिमंडल में अपनी सेवाएं दीं। सोशलिस्ट के रूप में राजनीति में प्रवेश करने वाले बंगारप्पा अपनी सियासी जिंदगी में कई दलों में आते जाते रहे। कई बार कांग्रेस छोड़कर वह पुन: इसी पार्टी में लौटे। उन्होंने अपनी पार्टी भी बनायी। कुछ समय समाजवादी पार्टी और भाजपा में भी रहे। बंगारप्पा ने 1983 में कर्नाटक में पहली गैर कांग्रेसी सरकार स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उस समय उनके कर्नाटक क्रांति रंगा दल ने तत्कालीन जनता पार्टी सरकार का समर्थन किया, जिसके प्रमुख रामकृष्ण हेगड़े थे। वह 1990-92 के बीच मुख्यमंत्री भी रहे और उसके बाद पद से हटाए जाने के पश्चात उन्होंने कर्नाटक कांग्रेस पार्टी गठित की जिसने 1994 का विधानसभा चुनाव लड़ा और दस सीटों पर जीत हासिल की। राज्य की राजनीति में अपनी छाप छोड़ने वाले बंगारप्पा 1996-1999 और 2003 में तीन बार लोकसभा के सदस्य भी रहे। पिछड़े वर्गों में सम्मानित रहे बंगारप्पा 1998 का संसदीय चुनाव भाजपा के अयानुर मंजुनाथ के हाथों हार गए। राजनीति में उनका खराब समय 2009 में आया जब बंगारप्पा को पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के पुत्र बी वाई राघवेन्द्र ने शिमोगा संसदीय सीट से हरा दिया। 2008 के विधानसभा चुनाव में वह शिकारीपुरा सीट पर येदियुरप्पा के हाथों हार गए। बंगारप्पा ने तीन साल भाजपा में गुजारे और पार्टी के टिकट पर 1996 और 1999 का चुनाव भी जीते। उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कबातुर ले जाया जा रहा है जहां कल उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। बंगारप्पा के बड़े पुत्र कुमार बंगारप्पा अभिनेता हैं और पूर्व मंत्री भी। उनके एक अन्य पुत्र मधु बंगारप्पा फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं।
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