- रमजान के आखिरी जुमे पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में नमाज़ शांतिपूर्वक हुई, प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा में शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद नकवी ने अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की
- मेरठ, मुरादाबाद, मुज़फ्फरनगर, सम्भल, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, कानपुर में नमाज़ियों ने जंग बंद होने की दुआ मांगी
ईरान-इजरायल की जंग के बीच रमज़ान के आखिरी जुमे पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में लोगों की भावनाएं उफान पर रहीं. लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा में जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शन में शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद नकवी ने अमेरिका की कार्रवाई की तीखी आलोचना की और ईरान के समर्थन में भारत से मज़बूत रुख अपनाने की अपील की; वहीं, मेरठ, मुरादाबाद, मुज़फ्फरनगर, सम्भल, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, कानपुर और औरैया जैसे शहरों में बड़ी तादाद में नमाजियों ने अमन‑चैन, भाईचारे और जंग पर विराम की दुआ मांगी. हालांकि भीड़ और संवेदनशील माहौल को देखते हुए जगह‑जगह ड्रोन‑सीसीटीवी निगरानी, PAC/QRT तैनाती, पैदल गश्त और वरिष्ठ अधिकारियों का फील्ड रिव्यू जारी रहा, जिसके बीच अधिकतर इलाक़ों में नमाज शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के साथ किसी भी अफवाह पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई. कुल मिलाकर, एक तरफ लखनऊ से विरोध की आवाज़ें उठीं, तो दूसरी ओर पूरे प्रदेश में मस्जिदों से शांति और इंसानियत का संदेश सामने आया.

लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा में जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन
लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद बड़ा प्रदर्शन हुआ. इस प्रदर्शन की अगुवाई शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद नकवी ने की. उन्होंने अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और ईरान पर हो रहे हमलों को “नंग धड़क हमले” बताया. कल्बे जव्वाद नकवी ने कहा, “ईरान बिल्कुल बेबस है, अमेरिका उस पर बम गिरा रहा है और आम जनता को निशाना बना रहा है. शर्म की बात है कि हमारा देश इसकी निंदा भी नहीं कर रहा. भारत ने ईरान के लिए जो रवैया अपनाया है वह गलत है, जबकि ईरान हम पर रहम कर रहा है, उसने भारत को अपने ऑयल शिप लाने की इजाज़त दी है. अमेरिका पर रोक लगनी चाहिए, और अगर नहीं लगती, तो पूरी दुनिया को अमेरिका और इज़रायल का बहिष्कार करना चाहिए.” उन्होंने भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान के पक्ष में मज़बूत स्टैंड लेने की बात कही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन की हालिया बातचीत पर उन्होंने कहा, “ये बातचीत अब बहुत देर से हुई, पहले बात करनी चाहिए थी. अब इसका कोई मतलब नहीं बचा.”
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मेरठ: शाही जामा मस्जिद में भारी भीड़; जंग रोकने की अपील
पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ में अलविदा जुमे की नमाज़ बड़ी तसल्ली से हुई. इस दौरान मुल्क की तरक़्क़ी और अमन–चैन की दुआ मांगी गई. नायब शहर काज़ी जैनुल राशिद्दीन ने कहा कि ईरान के साथ जो PM मोदी ने हमदर्दी दिखाई, हम उनका शुक्रिया अदा करते हैं. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा झगड़ा ख़त्म होना चाहिए. अकीदतमंदों ने कहा कि युद्ध में बच्चे मारे जा रहे हैं, उनका क्या क़सूर; युद्ध बंद होना चाहिए.

फर्रुखाबाद: ड्रोन–सीसीटीवी निगरानी, DM–SP का शहर भ्रमण
यूपी के फर्रुखाबाद में आज अलविदा की नमाज सीसीटीवी, क्यूआरटी, ड्रोन और PAC लगाकर सकुशल सम्पन्न कराई गई. जिले में पुलिस मस्जिदों के पास और गलियों में गश्त करती रही. साथ ही DM और SP भी शहर में भ्रमण कर सभी गतिविधियों का जायज़ा लेते रहे. DM ने बताया कि एहतियात के तौर पर पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया था. ड्रोन कैमरों से प्रशासन ने चप्पे–चप्पे पर नजर बनाए रखी. सभी लोगों ने पूरे जनपद में शांति के साथ अपनी नमाज अदा की.
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श्रावस्ती में शांतिपूर्ण अलविदा जुमे की नमाज़, यौमे-क़ुद्स पर दुआ
श्रावस्ती में अलविदा जुमे की नमाज़ शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई. नासिरगंज स्थित शिया जामा मस्जिद में शिया समुदाय ने यौमे क़ुद्स मनाया. मुसलमानों के पहले क़िब्ला बैतुल मुक़द्दस की आज़ादी की दुआ मांगी गई. इकौना कस्बे के 5 पीरान में रमज़ान के आख़िरी जुमे पर अलविदा की नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई. नमाज़ पढ़ने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में नमाज़ी 5 पीरान पहुंचने लगे थे. निर्धारित समय पर नमाज अदा की गई, जिसमें लोगों ने देश और प्रदेश में अमन–चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी. पूरे क्षेत्र में नमाज़ के दौरान धार्मिक माहौल बना रहा. अलविदा की नमाज़ को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा. मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और आने–जाने वाले रास्तों पर निगरानी रखी गई, जिससे नमाज शांतिपूर्वक सम्पन्न हो सके. नमाज़ के बाद नमाजियों ने एक–दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया.
मुज़फ्फरनगर: भीड़ और संवेदनशील इलाक़ों में पैदल गश्त, ड्रोन–सीसीटीवी से नज़र
मुज़फ्फरनगर में रमजान के आख़िरी जुमे यानी अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नज़र आया. शहर की सभी प्रमुख मस्जिदों और नमाज़ स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं ताकि नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हो सके. अलविदा जुमे की नमाज़ के दौरान बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों में नमाज़ अदा करने पहुंचे. इसी को देखते हुए मुज़फ्फरनगर पुलिस ने शहर और देहात क्षेत्र की प्रमुख मस्जिदों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है. पुलिस अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं. भीड़-भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस द्वारा लगातार पैदल गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके. इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नमाज़ को शांतिपूर्वक और सुरक्षित तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी ज़रूरी इंतज़ाम किए गए हैं.

औरैया: बिलाल मस्जिद में उमड़ी भीड़, अमन–चैन की दुआ
माह-ए-रमज़ान की आख़िरी अलविदा जुम्मा की नमाज़ आज हज़रत बाबा शाह जमाल शाह स्थित बिलाल मस्जिद में मुस्लिम समाज के हज़ारों लोगों ने बड़ी संख्या में जमा होकर इस पवित्र मौके पर जुमे की नमाज़ पढ़ी और मुल्क में अमन, चैन व खुशहाली की दुआएं मांगीं. नमाज़ के बाद दुआ के लिए हाथ उठे, जिसमें सभी ने देश और दुनिया में शांति, सद्भाव तथा भाईचारे की फ़रियाद की. इमाम अल्तमश चिश्ती ने ख़ुत्बा पढ़ा और कहा कि माह-ए-रमज़ान का आख़िरी जुमा मुसलमानों के लिए बेहद अहम और बरकतों से भरा होता है. उन्होंने बताया कि इस महीने में रोज़ेदार अपने रब को राज़ी करने के लिए रोज़े रखते हैं, तरावीह पढ़ते हैं, सदका–खैरात करते हैं और ज़कात अदा करते हैं. रमज़ान बरकतों वाला महीना है, जिसमें अल्लाह की रहमत और मग़फ़िरत की बारिश होती है.
हाफ़िज़ अब्दुल सत्तार ने भी मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रमज़ान में रोज़ेदारी से दिलों को पाक किया जाता है और अल्लाह की इबादत में डूबकर गुनाहों की माफ़ी मांगी जाती है. उन्होंने ज़िला प्रशासन और पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि जिलाधिकारी और SP साहब बहुत अच्छे है. प्रशासन ने सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए, जिससे नमाज़ सुकून और शांति के साथ अदा हो सकी. इमाम अल्तमश चिश्ती ने भी पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की और कहा कि पुख़्ता इंतज़ामों के कारण कोई असुविधा नहीं हुई. बिलाल मस्जिद परिसर में नमाज़ के दौरान शांतिपूर्ण माहौल रहा और लोग दुआओं में डूबे नज़र आए. यह अलविदा जुमा रमज़ान के आख़िरी दिनों की याद दिलाता है, जब मुसलमान ईद की तैयारियों में जुट जाते हैं. स्थानीय मुस्लिम समाज ने प्रशासन का आभार जताया और उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भी अमन–चैन बना रहेगा.
सम्भल: ड्रोन से निगरानी, भारी फोर्स; खुले स्थानों पर नमाज़ नहीं
सम्भल में जुमा-ए-अलविदा की नमाज सकुशल सम्पन्न हुई. रोजेदार नमाज़ अदा कर मस्जिद से निकलने शुरू हुए. पुलिस की सतर्कता, पीस कमेटी की बैठकों का असर, कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ. सड़क और सार्वजनिक जगह पर कोई नमाज़ नहीं पढ़ी गई; मस्जिदों में ही जुमा-ए-अलविदा की नमाज़ पढ़ी गई. मौके पर विशेष निगरानी, ड्रोन कैमरे से मॉनिटरिंग और भारी पुलिस फोर्स तैनात रही.
मुरादाबाद में भी नमाजियों की भीड़
मुरादाबाद में रमज़ान के आखिरी जुमे ‘जुमा अलविदा' के अवसर पर मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी. शुक्रवार को शहर और आसपास की मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा की गई. नमाज़ के बाद लोगों ने देश में अमन-चैन, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं. इस दौरान प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे. बिलारी की जामा मस्जिद सहित क्षेत्र की अन्य मस्जिदों में सुबह से ही अकीदतमंदों का आना शुरू हो गया था. नमाज़ के समय मस्जिदों में भारी भीड़ देखने को मिली.
(सत्यपाल यादव, सनुज, जाहिद अख्तर, मोनू सिंह की रिपोर्ट)
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