विदेश मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है. ये एक यात्रा दस्तावेज है जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी होता है. ये नागरिकता कानून के तहत नहीं, पासपोर्ट कानून के तहत जारी होता है. पासपोर्ट सिर्फ ये बताता है कि इसे रखने वाला किस देश से संबंध रखता है. किसी का पासपोर्ट रद्द होने पर उसकी नागरिकता खत्म नहीं होती है. पासपोर्ट आमतौर पर भारतीय नागरिकों को जारी किया जाता है. लेकिन जो भारत का नागरिक नहीं है उसे भी पासपोर्ट जारी हो सकता है.
पासपोर्ट अधिनियम के मुताबिक ये गैर-नागरिकों को भी दिया जा सकता है. बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 2013 के एक फैसले में भी यही बात कही थी. यह माना था कि गैर-नागरिकों को पासपोर्ट जारी किया जा सकता है. पासपोर्ट सरकार की संपत्ति होती है और कभी भी जब्त किया जा सकता है. जबकि किसी व्यक्ति की नागरिकता को आसानी से नहीं छीना जा सकता. विदेश मंत्रालय के ताजा बयान पर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है.
अब सवाल यह है कि आखिर नागरिकता का प्रूफ किस दस्तावेज को माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट आधार कार्ड को पहले ही पहचान का दस्तावेज बता चुका है. SIR विवाद में SC ने कहा था कि आधार नागरिकता का दस्तावेज नहीं है.
नागरिकता कैसे साबित होगी?
पासपोर्ट और आधार कार्ड नागरिकता के सबूत नहीं हैं. दूसरे दस्तावेज भी खास कामों के लिए ही जारी होते हैं. इन्हें नागरिकता तय करने के लिए नहीं बनाया गया है. तो फिर किसी शख्स की नागरिकता कैसे साबित होगी? भारत में ऐसा कोई एक दस्तावेज जारी नहीं किया जाता, जो सभी के लिए नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए. नागरिकता इस बात पर तय होती है कि इसे कैसे हासिल किया गया.
नागरिकता कानून के तहत कौन से रिकॉर्ड मौजूद?
नागरिकता, 1955 में बने नागरिकता कानून से तय होती है. नागरिकता आपके अधिकार और जिम्मेदारियां तय करती है. नागरिकता विवाद होने पर कई दस्तावेजों को देखा जाता है. भारत में नागरिकता के लिए 10 दस्तावेज एक साथ देखे जा सकते हैं. जिसमें पासपोर्ट, आधार और दूसरे दस्तावेज भी शामिल हो सकते हैं. कुछ लोग पंजीकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करते हैं. उन्हें सरकार की ओर से नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है.
पासपोर्ट पर सियासी खींचतान
पासपोर्ट विवाद पर सियासी बयानबाजी भी जारी है. शिवसेना उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा है कि नागरिकता किस आधार पर तय होगी, अब केंद्र सरकार को ये बताना चाहिए. अगर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर को नहीं मानते, तो क्या ज्ञानेश कुमार के फोटो को माना जाएगा?
वहीं सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का दस्तावेज नहीं.' तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत है.
वहीं, गीतकार और स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर ने पूछा कि जब पासपोर्ट को नागरिकता का 100% अकेला और अंतिम सबूत नहीं माना जाता, तो ऐसा कानून क्यों लाया जा रहा है.
भारतीय नागरिक के कितने दस्तावेज?
- पासपोर्ट: ये आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है, जो किसी की राष्ट्रीयता बताता है और विदेश यात्रा की अनुमति देता है.
- आधार कार्ड: 12 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर है. जो पहचान और पते का प्रमाण देता है.
- ड्राइविंग लाइसेंस: ये गाड़ी चलाने की कानूनी इजाजत देता है , 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद ही बनता है.
- वोटर आईडी कार्ड: ये मतदान के लिए पहचान पत्र है, इसे चुनाव आयोग जारी करता है. मतदान की उम्र होने पर ही बनता है.
- पैन कार्ड: ये 10 अंकों का स्थाई खाता संख्या है, आयकर और वित्तीय लेनदेन के लिए जारी होता है.
- राशन कार्ड: PDS की सुविधा प्राप्त करने का दस्तावेज है. इसकी मदद से दूसरी सब्सिडी भी प्राप्त की जाती है.
- जाति प्रमाण पत्र : SC, ST और OBC की पुष्टि करने वाला दस्तावेज, नौकरी में आरक्षण की सुविधा के लिए काम आता है.
- आय प्रमाण पत्र: ये व्यक्ति या परिवार की आमदनी प्रमाणित करता है. ये दस्तावेज कई सरकारी योजनाओं के लिए जरुरी है.
- जन्म प्रमाण पत्र: ये जन्म की तिथि, स्थान का आधिकारिक रिकॉर्ड है. भर्ती परीक्षा, नौकरी और शैक्षणिक डिग्री के लिए जरुरी होता है.
- मूल निवास प्रमाण पत्र: किसी राज्य, जिले या क्षेत्र में निवास का प्रमाण पत्र है. राज्य सरकार की सुविधाओं का लाभ लेने के लिए होता है.
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