- हैदराबाद में मुस्लिम बाउंसरों के साथ सांप्रदायिक भेदभाव का मामला सामने आया है.
- बाउंसर एजेंसियों ने कहा- बाउंसरों के धर्म नहीं पेशेवर मानकों से मूल्यांकन हो.
- तेलंगाना बजरंग दल के शिवा रामुलु ने आयोजकों से दूसरे धर्म के बाउंसर न रखने को कहा है.
हैदराबाद में बाउंसर सप्लाई करने वाली एजेंसियों ने तेलंगाना सरकार और पुलिस से उन इवेंट ऑर्गनाइजर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, जो कथित तौर पर डांडिया और नवरात्रि इवेंट्स के दौरान मुस्लिम बाउंसरों को काम पर रखने से मना कर देते हैं. उनका कहना है कि धर्म के आधार पर सिक्योरिटी की नौकरी से किसी को वंचित नहीं किया जाना चाहिए. बाउंसर सप्लाई एजेंसी के प्रतिनिधियों एम.डी. फिरोज (फजल), शारदा रेड्डी, प्रभाकर और सलमान ने दावा किया कि कुछ इवेंट ऑर्गनाइजर ने हाल ही में धार्मिक आधार पर डांडिया सेलिब्रेशन और दूसरे इवेंट्स के लिए मुस्लिम बाउंसरों को काम पर रखना बंद कर दिया है.
'अलग-अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए...'
एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने ऑर्गनाइजर्स से अपील की है कि वे सुरक्षा कर्मियों का मूल्यांकन धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि पेशेवर मानकों के आधार पर करें. उन्होंने कहा, "अगर कोई बाउंसर कुछ गलत करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. लेकिन हिंदू और मुस्लिम बाउंसरों के साथ अलग-अलग व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए."
इससे पहले, तेलंगाना बजरंग दल के संयोजक शिवा रामुलु ने सार्वजनिक रूप से डांडिया आयोजकों से कहा था कि वे नवरात्रि समारोह के दौरान सुरक्षा कर्मियों और बाउंसरों के तौर पर दूसरे धर्मों के लोगों को काम पर न रखें.
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सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सभी समुदायों के लोगों से इस तरह के भेदभाव का विरोध करने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि सांप्रदायिक बंटवारा तेलंगाना के सामाजिक सद्भाव और विकास को नुकसान पहुंचा सकता है.
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