मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा के काम को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद सरकार अब इस मुद्दे पर फ्रंटफुट पर आने की कोशिश में दिखाई दे रही है. शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने आज इस विषय पर प्रेस कांफ्रेंस कर विरोधियों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से सेंट्रल विस्टा पर फॉल्स नैरेटिव फैलाया जा रहा है, सरकार पर झूठे इल्जाम लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर एक गलत कहानी गढ़ी जा रही है. इस पर महामारी के बहुत पहले फैसला ले लिया गया था. संसद का नया भवन बनाना इसलिए जरूरी है क्योंकि पुराना भवन सेस्मिक ज़ोन 2 में आता था, अगर तेज भूंकप आए तो अब ये भवन सेस्मिक ज़ोन 4 में है. बताते चलें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल विस्टा पर सुनवाई करते हुए इसके जरूरी बताया और कहा कि इसका काम जारी रहेगा. कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 1 लाख का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने जुर्माना लगाते हुए कहा कि यह याचिका 'किसी मंशा से प्रेरित लगती है, न कि किसी सच्चे कारण से.'
पुरी के अनुसार आजादी के समय हमारी जनसंख्या 350 मिलियन के करीब थी. संसद भवन में हमें जगह की जरुरत होती है ताकि संसद सदस्य बैठ सकें. राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तब से यह मांग की जा रही है. कुल खर्चा 1300 करोड़ रुपये के आसपास है. विपक्ष के सवालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कहा जा रहा है 20,000 करोड़ रुपये मरामारी के दौरान खर्च कर रहे हैं, ये वैक्सीनेशन कार्यक्रम में लगाइये. केंद्र ने वैक्सीनेशन के लिए 35,000 करोड़ आवंटित किया है. बकौल हरदीप पुरी, वैक्सीनेशन के लिए पैसे की कमी नहीं है, पर्याप्त पैसा है. वैक्सीन की उपलब्धता दूसरी बात है.
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उन्होंने कहा कि 2022 में हम आजादी के 75 साल पूरे होने तक नई पार्लियामेंट बिल्डिंग तैयार करना चाहते हैं. उन्होंने 2012 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 2012 में उस वक्त की लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार के ओएसडी ने शहरी विकास मंत्रालय के सचिव को चिट्ठी लिखकर बताया कि एक नई पार्लियामेंट बिल्डिंग तैयार करने का फैसला लिया गया है. साथ ही जयराम रमेश के उस आर्टिकल का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने एक बार के जरिए मौजूदा संसद की इमारत को आउटडेटेड बताते हुए नई बिल्डिंग की वकालत की थी.
उन्होंने बताया कि अभी सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट के तहत दो प्रोजेक्ट को इंप्लीमेंट किया जा रहा है. एक नई पार्लियामेंट बिल्डिंग और दूसरा सेंट्रल विस्टा एवेन्यू जिसके तहत राजपथ को चौड़ा किया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री के अनुसार नई पार्लियामेंट बिल्डिंग तैयार करने पर प्रस्तावित खर्च 862 करोड़ का है जबकि सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के तहत राजपथ को चौड़ा करने पर कुल बजट 477 करोड़ का है. हरदीप पुरी के अनुसार यानी अभी सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट के तहत 13 सौ करोड़ से कुछ ज्यादा के खर्च पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है
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