- पुलवामा हमले का साजिशकर्ता बुरहान हमजा का पीओके में नौजवानों को जेहाद के लिए उकसाने वाला वीडियो सामने आया है
- बुरहान हमजा पर 2019 के पुलवामा हमले की साजिश रचने का आरोप था और उसे अप्रैल 2022 में आतंकवादी घोषित किया गया था
- हमजा की पीओके के मुजफ्फराबाद में गुरुवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी
पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले पर 2019 में हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता और नामित आतंकवादी अर्जुमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है. इसमें वो नौजवानों और मासूम बच्चों को जेहाद का पाठ पढ़ाता हुआ दिखाई दे रहा है. ये वीडियो पीओके (Pok) के मुजफ्फराबाद का है, जिसमें बुरहान हमजा दिखाई दे रहा है.
वीडियो में बुरहान हमजा नौजवानों का ब्रेन वॉश करता दिख रहा है, उन्हें जिहाद के लिए उकसा रहा है. हमजा स्कूल में प्रिंसिपल था लेकिन कहने को, उसका असली काम आतंक की पाठशाला चलाने का था.
एक और भी वीडियो सामने आया है, जिसमें हमजा लक्जरी कार ड्राइव करता हुआ दिखाई दे रहा है. आतंकी गतिविधियों से हमजा ने बहुत कमाई की थी, उसी कमाई से इसने कई लक्जरी गाड़ियां और बंगले खरीदे हुए थे.

पीओके में अज्ञात बंदूकधारियों के हमले में मारा गया था हमजा
एक दिन पहले ही बुरहान हमजा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात बंदूकधारियों के हमले में मारा गया है. हमजा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की कड़ी सुरक्षा में अपनी गतिविधियों को अंजाम देता था. उस पर मुजफ्फराबाद में घात लगाकर हमला किया गया. गंभीर रूप से घायल हमजा को हवाई मार्ग से रावलपिंडी के संयुक्त सैन्य अस्पताल (सीएमएच) ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया. वहीं स्थानीय सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई से पहले ही हमलावर घटनास्थल से फरार होने में कामयाब रहे.
हमजा मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के खार का रहने वाला था और अल बद्र संगठन से जुड़ा हुआ था. इसके बाद वह अल बराक नामक आतंकी संगठन में शामिल हो गया और संगठन से मतभेद के बाद अलग होने के बावजूद आईएसआई के साथ करीबी रिश्ते बनाए रखे.

पुलवामा हमले के बाद से वह पीओके में एक शिक्षक के रूप में गुप्त रूप से रह रहा था. पीओके की पुलिस के मुताबिक, मुजफ्फरबाद (इस्लामाबाद से लगभग 135 किलोमीटर दूर) के गोजरा में एक निजी कॉलेज के प्राचार्य पद पर कार्यरत बुरहान को गुरुवार सुबह उस समय निशाना बनाया गया, जब वह अपने कॉलेज से बाहर निकल रहा था. इसने बताया कि हमलावरों ने बहुत करीब से कई गोलियां चलाईं.
भारत ने पुलवामा हमले के जवाब में 26 फरवरी, 2019 को हवाई हमले कर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को नष्ट कर दिया था.

सूत्रों के मुताबिक, हमजा का उपनाम डॉक्टर भी था. वह मौजूदा समय में मुजफ्फराबाद के बाहरी इलाके में स्थित घनी आबादी वाले चीला बांदी में रह रहा था. उसकी सुरक्षा में आठ कमांडो, एक बुलेट-प्रूफ (बीआर) वाहन और एक एस्कॉर्ट वाहन तैनात किया गया था, जो पाकिस्तान सरकार द्वारा उसे दिए गए महत्व को दिखाता करता है.
उन्होंने बताया कि जनवरी और फरवरी 2025 के बीच कथित तौर पर खुद पर हमले की मनगढ़ंत कहानी बनाने के बाद उसे सुरक्षा मुहैया कराई गई थी.

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सूत्रों ने बताया कि दोनों मुजफ्फरबाद में ‘माछिस फैक्टरी' के नाम से मशहूर एक औद्योगिक परिसर से अपना धंधा चलाते थे. उन्होंने कहा कि हमजा के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, विशेष रूप से कर्नल रिजवान नामक एक अधिकारी के साथ घनिष्ठ संबंध थे, जो गहरे खुफिया संबंधों और संरक्षण का संकेत देते हैं.
हमजा ने हाल ही में कुपवाड़ा के रहने वाले कादिर लाला की बेटी से शादी की थी, जो हिजबुल मुजाहिदीन का पूर्व सदस्य था और वर्तमान में पाकिस्तान के चक शहजाद में आतंकी समूह की आवासीय परियोजना में सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत है.
सूत्रों ने बताया कि उसके पुलवामा के एक अन्य पूर्व हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी मुर्तजा से भी घनिष्ठ संबंध थे, जो अब इस्लामाबाद में रहता है, और वह अक्सर उसके आवास पर जाया करता था.
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