भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शराब बनाने वाली दिग्गज कंपनियों पर हुई कार्रवाई को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है. FSSAI ने मीडिया में चल रही खबरों पर अपनी सफाई देते हुए स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरी शराब इंडस्ट्री के खिलाफ नहीं है, बल्कि केवल उन कंपनियों पर शिकंजा कसा गया है जो नियमों को ताक पर रखकर गैर-अनुमोदित फ्लेवर मिला रही थीं और ग्राहकों को भ्रमित करने वाले दावे कर रही थीं.
एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल का खेल
FSSAI के मुताबिक, जांच में सामने आया कि कुछ कंपनियां पारंपरिक तरीके से प्रामाणिक रम या व्हिस्की बनाने के बजाय 'एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल' का इस्तेमाल कर रही थीं. एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल में अपना कोई खास स्वाद या खुशबू नहीं होती. इसके बाद कंपनियां इसमें बाहर से रम या व्हिस्की फ्लेवर मिलाकर इसे बाजार में असली रम और व्हिस्की के नाम से बेच रही थीं.
प्राधिकरण का कहना है कि यह सीधा-सीधा उपभोक्ताओं के साथ धोखा है, क्योंकि बोतल के फ्रंट पैक पर उत्पाद का असली स्वरूप नहीं बताया जा रहा था. जब लैब्स में सैंपल भेजे गए, तो पाया गया कि इनमें आर्टिफिशल और नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवर मिलाए गए थे. इससे उत्पाद की असली सुगंध और प्राकृतिक स्वाद छिप जाता है.
ओल्ड मॉन्क के '7 Years Old Blended' दावे पर उठी उंगली
कार्रवाई के दौरान देश के मशहूर ब्रांड Old Monk XXX Rum का एक बड़ा दावा भी सवालों के घेरे में आ गया है. FSSAI ने Old Monk के '7 Years Old Blended' दावे को भ्रामक माना है. लैब जांच में खुलासा हुआ कि जिस रम पर 7 साल पुरानी होने का दावा किया जा रहा था. लेकिन उसमें 7 साल पुरानी रम की मात्रा 5 प्रतिशत से भी कम थी.
बाकी का ज्यादातर हिस्सा बिना परिपक्व न्यूट्रल स्पिरिट का था. FSSAI नियमों के तहत अगर किसी ब्लेन्डेड स्पिरिट की उम्र का दावा किया जाता है, तो वह उसमें मिलाई गई सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट के आधार पर तय होना चाहिए.
क्या फ्लेवर मिलाना पूरी तरह बैन है?
FSSAI ने इस बात पर भी स्थिति साफ की है कि फ्लेवर मिलाने पर पूरी तरह रोक नहीं है. नियमानुसार और उचित तकनीकी कारणों के चलते कॉफी, वनीला या अन्य प्राकृतिक फ्लेवर मिलाए जा सकते हैं. लेकिन रम में अलग से रम का फ्लेवर या व्हिस्की में व्हिस्की का फ्लेवर मिलाना पूरी तरह अमान्य है, क्योंकि यह स्वाद और सुगंध निर्माण प्रक्रिया से स्वाभाविक रूप से आनी चाहिए.
किन-किन ब्रांड्स और कंपनियों पर गिरी गाज?
लैब रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने के बाद FSSAI ने कई बड़े ब्रांड्स के उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी है:
- Mohan Rocky Springwater (खोपोली): Old Monk Rum के तीन वेरिएंट्स पर रोक.
- United Spirits (बारामती): McDowell's No.1 Rum पर रोक.
- INBREW Beverages (मध्य प्रदेश): Bagpiper Deluxe Whisky और Old Cask Deluxe XXX Rum पर रोक.
- Associated Alcohol & Breweries (मध्य प्रदेश): Central Province Whisky और McDowell's No.1 Celebration Matured XXX Rum पर एक्शन.
- United Spirits (मध्य प्रदेश): Antiquity Blue Whisky और Royal Challenge Whisky पर गाज गिरी है.
इसके अलावा, गोवा स्थित Mandexi Distilleries & Breweries में निरीक्षण कर सैंपल लिए गए हैं, जबकि महाराष्ट्र की छह अन्य शराब निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं.
शर्तों के साथ मिली राहत
दो कंपनियों द्वारा की गई अपील के बाद FSSAI ने कुछ सख्त शर्तों के साथ मौजूदा स्टॉक बेचने की छूट दी है. शर्त यह है कि पैक के सामने उत्पाद का सही और वास्तविक स्वरूप साफ-साफ लिखा होना चाहिए. साथ ही, भविष्य के उत्पादन में एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल में ऊपर से रम या व्हिस्की जैसा समान फ्लेवर मिलाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी.
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