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UAE में धमाके, ईरान का इनकार... संकट में सीजफायर, मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ रहा तनाव

UAE में धमाकों और मिसाइल-ड्रोन हमलों के दावों के बीच ईरान ने जिम्मेदारी से इनकार किया है. विरोधाभासी दावों से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है और सीजफायर पर खतरा मंडरा रहा है, हालात लगातार बिगड़ते दिख रहे हैं.

UAE में धमाके, ईरान का इनकार... संकट में सीजफायर, मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ रहा तनाव
फाइल फोटो
नई दिल्ली:

खाड़ी क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है. एक ओर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया है कि वह ईरान से आए मिसाइल और ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने इन हमलों से पूरी तरह से इनकार कर दिया है. इस विरोधाभासी स्थिति ने क्षेत्र में लागू युद्धविराम को संदेह के घेरे में डाल दिया है.

UAE में हुए धमाके

UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में सुनी गई आवाजें उसकी एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन को मार गिराने का परिणाम थीं. यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी में पहले से ही सैन्य गतिविधियां बढ़ी हुई हैं और समुद्री मार्गों को लेकर तनाव बना हुआ है.

ईरान का इनकार

हालांकि, ईरान के 'खातम अल-अंबिया' मुख्यालय के प्रवक्ता ने साफ तौर पर कहा है कि अगर यूएई की धरती से ईरान के खिलाफ कोई आक्रामक कार्रवाई होती है, तो जवाब 'कड़ा और पछतावे का कारण बनने वाला' होगा. इसके साथ ही ईरान के जॉइंट मिलिट्री कमांड ने यह भी स्पष्ट किया है कि हाल के दिनों में उसने यूएई के खिलाफ कोई मिसाइल या ड्रोन हमला नहीं किया है.

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इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रही ईरानी नावों को निशाना बनाया, जबकि ईरान का कहना है कि अमेरिकी कार्रवाई में नागरिकों की मौत हुई है.

ट्रंप बोले- ईरान अब अमेरिका के दबाव में है

स्थिति को और जटिल बनाते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान अब 'डील करना चाहता है' और उस पर अमेरिकी दबाव तथा नाकाबंदी का असर साफ नजर आ रहा है. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने समुद्री नाकाबंदी के जरिए पूरी स्थिति पर कंट्रोल बना लिया है.

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है और वह बातचीत के लिए मजबूर है. हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत को लेकर विरोधाभासी संकेत मिल रहे हैं. इसी बीच, अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि भले ही 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' यानी होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही से जुड़ा अभियान फिलहाल रोका गया हो, लेकिन नाकाबंदी अभी भी पूरी तरह लागू है. इसका सीधा असर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है, क्योंकि हजारों जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे बताए जा रहे हैं.

कतर में भी अलर्ट

एक और घटनाक्रम में अमेरिकी एयरफोर्स के KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमान ने फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान के दौरान इमरजेंसी सिग्नल जारी किया. कतर के आसमान में इसका संपर्क कुछ समय के लिए टूट गया, जिससे क्षेत्र में और चिंता बढ़ गई. हालांकि इस घटना को किसी हमले से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

कुल मिलाकर, खाड़ी क्षेत्र में हालात बेहद अस्थिर बने हुए हैं. एक तरफ हमलों के दावे और दूसरी तरफ उनका खंडन, इन सबके बीच यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि तनाव कम होने के बजाय और गहराता जा रहा है. ऐसे में युद्धविराम कितने समय तक टिकेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा.
 

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