विज्ञापन

नमस्ते से शुरू जय हो पर खत्म, AI से बदलते भारत की मैक्रों ने पूरी तस्वीर बता दी

AI Impact Summit में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के डिजिटल मॉडल और PM मोदी की विज़न की खुलकर तारीफ की, उन्होंने कहा कि भारत ने तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने में दुनिया को नया रास्ता दिखाया है. उन्होंने भारत की डिजिटल पहचान, UPI और AI टैलेंट को ‘सभ्यता बदल देने वाला मॉडल’ बताया.

नमस्ते से शुरू जय हो पर खत्म, AI से बदलते भारत की मैक्रों ने पूरी तस्वीर बता दी
  • फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के डिजिटल मॉडल की विश्वस्तरीय सफलता की खुले दिल से प्रशंसा की
  • उन्होंने भारत के डिजिटल पहचान, यूपीआई और डिजिटल हेल्थ आईडी जैसे बड़े पैमाने के सिस्टम की विशिष्टता बताई
  • उन्होंने भारत के एआई टैलेंट की सराहना करते हुए कहा कि देश में लाखों एआई इंजीनियर और डेवलपर्स मौजूद हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

भारत में आयोजित AI Impact Summit में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने संबोधन की शुरुआत नमस्ते से की और अंत “जय हो” के साथ किया. उन्होंने मंच से भारत के डिजिटल मॉडल की खुलकर तारीफ की और कहा कि भारत ने जो किया है, वह दुनिया में किसी और देश ने नहीं किया. मैक्रों ने कहा कि 10 साल पहले मुंबई का एक स्ट्रीट वेंडर बैंक खाता भी नहीं खोल सकता था न पता, न दस्तावेज़, न पहचान. लेकिन आज वही वेंडर अपने फोन पर पूरे देश में किसी से भी तुरंत और मुफ्त डिजिटल पेमेंट ले रहा है. उन्होंने कहा, “ये सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, सभ्यता की कहानी है.”

इमैनुएल मैक्रों  ने भारत के डिजिटल मॉडल की तारीफ करते हुए कहा कि यहां 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान, 20 अरब मासिक लेनदेन वाला UPI, और 50 करोड़ डिजिटल हेल्थ आईडी जैसी व्यवस्था बनाई गई है. मैक्रों बोले, “India Stack ने वो कर दिखाया जो किसी भी देश ने नहीं किया.”

मैक्रों ने दुनिया में AI को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका Stargates बना रहा है, चीन DeepSeek ला रहा है और बड़े टेक कंपनियां और ताकतवर हो रही हैं. लेकिन उन्होंने बताया कि यूरोप भी इस दौड़ में पीछे नहीं है. उन्होंने फ्रांस की AI कंपनी Mistral का उदाहरण दिया, जो सिर्फ दो साल में 12 अरब यूरो की वैल्यूएशन तक पहुंच गई है.

इसके बाद मैक्रों ने भारत के AI टैलेंट की विशेष प्रशंसा की. उन्होंने कहा, “भारत हर साल लाखों AI इंजीनियर तैयार करता है. 5 लाख डेवलपर्स के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डेवलपर समुदाय है.”

उन्होंने कहा कि भारत का मॉडल चार बड़े स्तंभों पर खड़ा है. इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट, कैपिटल और अडॉप्शन. मैक्रों के मुताबिक भारत में AI को अपनाने की रफ्तार दुनिया में सबसे तेज है.

उन्होंने उदाहरण दिए 

  •  20 करोड़ किसानों को AI‑आधारित डिजिटल सहायता,
  • 40 करोड़ तीर्थयात्रियों को यात्रा सलाह,
  • ग्रामीण क्लीनिकों के लिए AI डायग्नॉस्टिक्स,
  • और ये सब भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर चल रहा है.


मैक्रों ने कहा कि AI का भविष्य उन देशों के पास होगा जो इसे सबके लिए उपलब्ध बना सकें और भारत इस दिशा में असली क्रांति कर रहा है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com