Earthquake Delhi NCR Today : दिल्ली-एनसीआर में आर रहे बार-बार आ रहे है भूकंप (Earthquake) क्या किसी खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं? दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाके में अप्रैल के महीने से 8 जून तक 7 बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं. एक ओर जहां कोरोना संक्रमण की वजह से लोग घरों में रहने के लिए मजबूर हैं. वहीं बार-बार आ रहे भूकंप के झटके लोगों में दहशत फैला रहे हैं. हालांकि अभी तक जितनी बार भी भूकंप आए हैं उनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर काफी कम आंकी गई है. बीते अप्रैल महीने से अब तक के आए भूकंप की बात करें तो सबसे अधिक तीव्रता वाला झटका 29 मई को लगा था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 आंकी गई थी. वहीं इस बीच 12 अप्रैल और 13 अप्रैल को लगतार दो दिन आए भूकंप झटकों ने काफी डरा दिया था. लोगों के मन में इस बात के सवाल उठ रहे थे कि क्या बार-बार डोल रही धरती किसी खतरे की ओर से इशारा कर रही है.
कब-कब आया भूकंप
8 जून तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.1
4 जून तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2
29 मई तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6
15 मई तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.2
10 मई तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4
13 अप्रैल तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7
12 अप्रैल तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
क्या कहते हैं वैज्ञानिक
दिल्ली-एनसीआर में आर रहे बार-बार आ रहे है भूकंप क्या किसी खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं? इस सवाल पर राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) में वैज्ञानिक जेएल गौतम ने बताया कि आज तक अभी तक ऐसी कोई तकनीकी नहीं बनी है जिससे पहले से इसके बारे में बताया जा सके. उन्होंने कहा कि इसके आने के बाद तीव्रता का अंदाजा तो लगाया जा सकता है लेकिन पहले से कुछ नहीं कहा जा सकता है. उन्होंने भूकंप आने वाले क्षेत्रों के 5 जोन में बांटा गया. जिसमें 5वां जोन सबसे खतरे में है और दिल्ली का इलाका चौथे जोन में आता है.
उन्होंने बताया कि हिमालय के आसपास का इलाके में बड़े भूकंप आने का खतरा ज्यादा है क्योंकि वहां पर प्लेटें खिसक रही हैं. इसलिए हिंदुकुश पर्वत से लेकर उत्तर-पूर्व तक भूकंप का एक बड़ा खतरा है और हिमालयी क्षेत्र से दिल्ली की दूरी 250 से 300 किलोमीटर के आसपास है. इसलिए वहां आए भूकंप का असर इस इलाके में दिख सकता है. जिस तरह नेपाल में आए भूकंप का असर दिल्ली तक देखा गया था.
भूकंप आए तो क्या करें
डॉ. जेएल गौतम ने बताया कि अगर भूकंप आता है तो कोनों और या किसी खंबे को पकड़ खड़े हो जाएं और सिर को बचाने की कोशिश करें. किसी लकड़ी के तख्ते के नीचे भी बैठ सकते हैं.
कितनी देर तक डोलती है धरती
डॉ. जेएल गौतम ने कहा कि झटके कितनी देर तक रहेंगे कि यह भूकंप की तीव्रता पर निर्भर करता है. जितनी ज्यादा तीव्रता भूकंप होगा उतनी देर तक झटके महसूस होंगे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं