
अजमेर:
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्मी की दरगाह पर अपनी फिल्मों की सफलता की दुआ करने के लिए फिल्मी सितारों और निर्माताओं के आने पर घोर आपत्ति जताते हुए दरगाह के प्रमुख ने इस्लाम के अनुयायी बुद्धिजीवियों और उलेमाओं से इस ओर फौरन ध्यान देने को कहा है।
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के सज्जादा नशीन दीवान जैनुल अबेदीन अली खान ने यहां एक बयान में कहा कि इस्लाम में नृत्य और फिल्मों की मनाही है इसलिए फिल्मी सितारों, निर्देशकों और निर्माताओं के इस पवित्र धार्मिक स्थल पर आकर अपने काम की सफलता के लिए दुआ करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थान को किसी ऐसे काम के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए जिसकी मनाही है, लेकिन फिल्मी सितारे लगातार यहां आकर ख्वाजा से दुआ मांगते हैं ताकि उनकी उनकी फिल्म चले और फिर मीडिया के जरिए इसका प्रचार करते हैं।
उन्होंने कहा सिर्फ इस्लाम में ही नहीं बल्कि बाकी धर्मो में भी पवित्र स्थानों पर गैर मजहबी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाता है।
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के सज्जादा नशीन दीवान जैनुल अबेदीन अली खान ने यहां एक बयान में कहा कि इस्लाम में नृत्य और फिल्मों की मनाही है इसलिए फिल्मी सितारों, निर्देशकों और निर्माताओं के इस पवित्र धार्मिक स्थल पर आकर अपने काम की सफलता के लिए दुआ करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थान को किसी ऐसे काम के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए जिसकी मनाही है, लेकिन फिल्मी सितारे लगातार यहां आकर ख्वाजा से दुआ मांगते हैं ताकि उनकी उनकी फिल्म चले और फिर मीडिया के जरिए इसका प्रचार करते हैं।
उन्होंने कहा सिर्फ इस्लाम में ही नहीं बल्कि बाकी धर्मो में भी पवित्र स्थानों पर गैर मजहबी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाता है।
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