- अभी तक सरकार की तरफ से केस वापस करने को लेकर नहीं आया है आदेश
- पत्रकारों ने भी खुद पर हुए हमले की एफआईआर दर्ज कराई है
- मामला कोर्ट में जाएगा, आदेश के बाद आगे की कार्रवाई तय हो सकेगी
नई दिल्ली: जतंर मंतर पर हिंसा और इससे जुड़े अन्य मामलों में करीब 20 केस दर्ज हुए हैं. इन केसों को दिल्ली पुलिस वापस लेने पर विचार कर रही है. हालांकि, इस मामले में अभी तक सरकार की तरफ से कोई आदेश नहीं आया है. मामला कोर्ट में जाने के बाद तय होगा कि इन मामलों का आगे क्या होगा? जैसे ही आदेश आएगा उसके बाद कानूनी तरीके इस पर करवाई होगी. वहीं, पत्रकारों ने भी खुद पर हमले की एफआईआर दर्ज कराई है, जो वापस नहीं होगी.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर मंतर हिंसा और इससे जुड़े अन्य मामलों में करीब 20 केस दर्ज हुए हैं. इनमें 14 केस प्रोटेस्ट और हिंसा से जुड़े हैं, एक केस बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने और बाकी केस पत्रकारों खुद के साथ हुई मारपीट के दर्ज कराए हैं. सूत्रों के मुताबिक, सरकार का आदेश मिलने के बाद स्टेट यानि अभियोजन (दिल्ली पुलिस) की तरफ से मामले वापस लेने को लेकर एलजी को पत्र लिखा जाएगा.
कोर्ट का आदेश तय करेगा आगे की कार्रवाई
कहा जाएगा कि इन मामलों में हमें आगे करवाई नहीं करनी है. इसके बाद एलजी का अप्रूवल आयेगा और फिर पुलिस संबंधित कोर्ट को बताएगी की इन मामलों में आगे प्रॉसिक्यूट नहीं करना है. इसके बाद कोर्ट पर निर्भर करता है कि वो इस पर आगे क्या आदेश दे. वहीं, इन मामलों में पत्रकारों ने खुद पर हमलों के केस दर्ज कराए हैं, वो केस वापस नहीं होंगे.
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