- दिल्ली की मुख्यमंत्री ने एआई समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को देश के लिए शर्मिंदगी बताया है
- कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान देश की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हरकत की
- पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर भ्रष्टाचार और आतंक की राजनीति के आरोप लगाते हुए बदलाव की उम्मीद जताई
एआई समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने शर्मनाक बताया है. एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने कहा कि ये बेहद ही शर्मनाक हरकत है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने कपड़े उतार कर प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि उन्होंने देश के कपड़े उतारने की कोशिश की और पूरे देश को शर्मिंदा कर दिया.
'जो घटिया हरकत की है...'
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में इतना बड़ा इवेंट था. इसमें पूरे विश्व से राजनेता आए थे. इतने इन्वेस्टर्स वहां आए थे, जो भविष्य में हमारे देश के करोड़ों युवाओं के लिए बहुत सारे प्रोस्पेक्ट्स खोलने वाले थे. ऐसी समिट में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जो घटिया हरकत की है, सच में कांग्रेस पार्टी, उनके युवराज और हर एक उनका कार्यकर्ता धिक्कार का अधिकारी है. जनता पूरजोर तरीके से इसका जवाब देगी. पश्चिम बंगाल सरकार पर उन्होंने कहा कि जनता ममता सरकार से 100% थक चुकी है. बंगाल की जनता उनके करप्शन से, उनकी आतंक की राजनीति से और मैं ये समझती हूं कि जिस तरीके का अन्याय और आतंक बंगाल में है, उसको देखते हुए जनता चाहती है कि तुरंत बदलाव हो.
बता दें कि एआई समिट के दौरान प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर रही है. इससे पहले चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. अब खबर है कि पुलिस इस मामले की जांच के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है.
कांग्रेस नेता ने भी की निंदा
ऐसा नहीं है कि सिर्फ बीजेपी के नेता ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से नाराज हैं या निंदा कर रहे हैं. कांग्रेस के भी कई नेता इससे खुश नहीं हैं. आईएएनएस के अनुसार, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कई बार सांसद रह चुकीं मार्गरेट अल्वा ने भी दिल्ली में एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन की निंदा की है. मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान गरिमा और अनुशासन बनाए रखना चाहिए.उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "मेरा मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान गरिमा और अनुशासन बनाए रखना चाहिए और जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए." हालांकि, राहुल गांधी के बारे में एक नेता के तौर पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "वह एक नेता हैं और जनता उन्हें स्वीकार करती है. उनका बहुत बड़ा योगदान है और जिस तरह से वह संघर्ष कर रहे हैं, मैं उन्हें बधाई देती हूं."
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