विज्ञापन

दिल्ली पुलिस की 'परिंदा भी पर न मारे' जैसी तैयारी- 20 हजार जवान और 300 कैमरे, इंटरनेट ठप और बाजार बंद

राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. शहरभर में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, निगरानी के लिए कैमरे और कई इलाकों में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.

दिल्ली पुलिस की 'परिंदा भी पर न मारे' जैसी तैयारी- 20 हजार जवान और 300 कैमरे, इंटरनेट ठप और बाजार बंद
जंतर-मंतर 2.0 को लेकर पुलिस की क्या तैयारी?
IANS

राजधानी दिल्ली में 'जंतर-मंतर-2.0' का ऐलान हो गया है. कॉकरोच जनता पार्टी कल यानी शनिवार को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रही है. जुलाई में भी सीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. इस बीच दिल्ली पुलिस ने सीजेपी को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी है. पुलिस ने दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया है. शहर में 20 हजार जवान तैनात किए गए हैं. हर एक एक्टिविटी पर नजर रखने के लिए 300 कैमरे लगाए गए हैं. जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट भी बंद किया जाएगा और बाजारों को भी बंद किया गया है. पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए कैसी तैयारी की है? आइए हर एक बात बताते हैं.

20 हजार पुलिसकर्मी होंगे तैनात

सेंट्रल दिल्ली और राजधानी के बॉर्डर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुस्तैद रहेगी. शहर में 20 हजार से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों को तैनात किए जाने की उम्मीद है. आंदोलन के लिए देश के अलग-अलग इलाकों से आने वालों को पुलिस बॉर्डर पर ही रोकने की कोशिश करेगी. साथ ही भीड़ जमा न होने देने की भी तैयारी है.

1.5 KM का सिक्योरिटी जोन, 6500 से ज्यादा लोग

दिल्ली पुलिस ने लगभग 1.5 किलोमीटर के दायरे को बहुत ज्यादा सेंसिटिव जोन के तौर पर घोषित किया है. इस इलाके में जंतर-मंतर, जनपथ, चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर जैसी खास जगहें आती हैं. इस हिस्से में 6500 से ज्यादा लोग तैनात किए जाएंगे, जिससे यह इलाका बहुत ज्यादा सुरक्षा वाला ज़ोन बन जाएगा.

300 से ज्यादा CCTV से होगी निगरानी

दिल्ली के संवेदनशील जगहों पर निगरानी भी बढ़ाई गई है. नई दिल्ली जिले में सेंसिटिव जगहों पर 300 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा है, ताकि किसी भी अनहोनी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके और हर चीज पर नजर रखी जा सके.

जंतर-मंतर पर सात लेयर की बैरिकेडिंग

जंतर-मंतर पर सिक्योरिटी के इंतजाम मजबूत किए गए हैं, प्रोटेस्ट वाली जगह तक जाने वाली सड़क पर कम से कम सात लेयर की बैरिकेडिंग की गई है. कुछ आखिरी लेयर को तो वेल्ड भी किया गया है ताकि उन्हें तोड़ना और मुश्किल हो जाए.

सेंसिटिव जगहों पर लाउडस्पीकर लगाए गए हैं और रिकॉर्डेड अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि प्रस्तावित प्रदर्शन की परमिशन नहीं दी गई है. अनाउंसमेंट में लोगों से अपील की गई है कि वे विरोध के लिए इकट्ठा न हों, नारे न लगाएं, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान न पहुंचाएं या पुलिसवालों पर हमला न करें.

पुलिस कम्युनिटी- होटलों और लोगों से संपर्क कर रही है

सिक्योरिटी तैनात करने के साथ-साथ, दिल्ली पुलिस ने लोगों को प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए एक अवेयरनेस कैंपेन शुरू किया है. कम्युनिटी सेंटर, मस्जिद और RWA से यह मैसेज फैलाने के लिए कहा गया है कि 10 अक्टूबर के विरोध को मंजूरी नहीं दी गई है. प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आने वाले लोगों को चेतावनी दी गई है कि उन्हें अरेस्ट किया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

पुलिस नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली में लॉज और होटलों की भी चेकिंग कर रही है. होटल मैनेजमेंट को विरोध के लिए परमिशन न होने के बारे में बताया जा रहा है और मेहमानों को इसमें हिस्सा लेने से रोकने के लिए कहा गया है.

Airbnb होस्ट और प्रॉपर्टी मालिकों को भी सलाह दी गई है कि वे प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे लोगों को अपनी जगह किराए पर न दें. उनसे कहा गया है कि अगर उन्हें शक हो कि उनकी प्रॉपर्टी पर रहने वाला कोई व्यक्ति विरोध में हिस्सा लेने का इरादा रखता है, तो वे पुलिस को बताएं.

घटनाओं को रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी कैमरा, फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर

हाल के प्रदर्शनों के दौरान ज्यादा बल इस्तेमाल और गलत व्यवहार के आरोपों के बीच, दिल्ली पुलिस का एक और बड़ा फोकस विरोध प्रदर्शन को संभालने के तरीके को डॉक्यूमेंट करना है.

2, 3 और 4 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद, सोशल मीडिया पर एडिट किए गए वीडियो सर्कुलेट हुए, जिनमें पुलिसवालों के कथित गलत व्यवहार को दिखाया गया, जिसमें एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट और छेड़छाड़ के दावे भी शामिल थे. इन आरोपों ने पुलिस बल के व्यवहार की जांच की है.

यह पक्का करने के लिए कि घटनाओं को कई एंगल से डॉक्यूमेंट किया जाए, सीनियर अधिकारियों, जिनमें एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस और उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी शामिल हैं, साथ ही ड्यूटी पर तैनात दूसरे कर्मचारियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए गए हैं.

विरोध प्रदर्शन और पुलिस की प्रतिक्रिया को रियल टाइम में रिकॉर्ड करने के लिए सैकड़ों फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर भी लगाए गए हैं. अधिकारियों को उम्मीद है कि फुटेज से घटनाओं का क्रम पता लगाने, गुमराह करने वाले दावों का वेरिफाइड सबूतों से मुकाबला करने और अगर कोई घटना होती है तो जांच में मदद मिलेगी.

दिल्ली पुलिस ने राजधानी के लोगों के नाम एक खुला खत भी जारी किया है, जिसमें उन्हें याद दिलाया गया है कि पुलिस वाले भी इंसान हैं और उनके परिवार घर पर उनका इंतजार कर रहे हैं. इस मैसेज में सभी तरफ से इंसानियत और संयम बरतने की अपील की गई है, और इस बात पर जोर दिया गया है कि वर्दी पहनने से किसी की इंसानियत खत्म नहीं हो जाती.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Delhi Police, Delhi Police Action, Jantar Mantar, Jantar Mantar 2.0, Jantar Mantar AAP Protest
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com