- राज्यसभा के लिए तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश से उम्मीदवारों की सूची जारी की है.
- छत्तीसगढ़ से फूलो देवी नेताम को दूसरी बार राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है.
- राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि पांच मार्च है और नामांकन की जांच छह मार्च को होगी.
लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन अपने छह उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया. जहां एक तरफ सिंघवी और फूलो देवी नेताम को दुबारा मौका मिला है. वहीं हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और तमिलनाडु से कांग्रेस ने लो प्रोफाइल और जमीनी नेताओं को मौका देकर चौंकाने वाला फैसला किया है. यदि सभी छह सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार चुने जाते हैं तो संसद के उच्चसदन में कांग्रेस सांसदों की संख्या मौजूदा 27 से बढ़कर 29 हो जाएगी.
राज्यसभा के लिए कांग्रेस उम्मीदवार –
तेलंगाना : अभिषेक मनु सिंघवी, वेम नरेंद्र रेड्डी
छत्तीसगढ़ : फूलो देवी नेताम
हरियाणा : करमवीर सिंह बौद्ध
तमिलनाडु: क्रिस्टोफर तिलक
हिमाचल प्रदेश : अनुराग शर्मा
वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी गांधी परिवार और कांग्रेस के कानूनी कवच हैं. जाहिर है उनका राज्यसभा जाना तय था. सिंघवी को तेलंगाना से एक बार फिर रिपीट किया गया है. वहीं दूसरी सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार तेलंगाना कांग्रेस के उपाध्यक्ष वेम नरेंद्र रेड्डी हैं. नरेंद्र रेड्डी सीएम रेवंत रेड्डी के बेहद करीबी और उनके सलाहकार हैं.
छत्तीसगढ़ से आदिवासी महिला नेता फूलो देवी नेताम को लगातार दूसरे कार्यकाल का मौका दिया गया है, हालांकि कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक-शुरू में पार्टी ने उनके विकल्पों पर मंथन किया, लेकिन किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी. नेताम को महिला फैक्टर का भी लाभ मिला. दरअसल राज्यसभा से इस बार कांग्रेस की छह में से दो महिला सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा था. शरद पवार की वजह से कांग्रेस रजनी पाटिल को महाराष्ट्र से टिकट नहीं दे पाई. किसी और राज्य से भी महिला उम्मीदवार को जगह नहीं मिली थी. ऐसे में फूलो देवी नेताम को दुबारा मौका मिल गया. माना जा रहा है कि नेताम को सोनिया गांधी भी पसंद करती हैं.
कांग्रेस आलाकमान ने हरियाणा, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश में चौंकाने वाला फैसला किया है. तीनों राज्यों में कांग्रेस ने जमीनी और लो प्रोफाइल नेता को प्राथमिकता दी है.हरियाणा से दलित नेता करमवीर सिंह बौद्ध, तमिलनाडु से राष्ट्रीय सचिव क्रिस्टोफर तिलक और हिमाचल प्रदेश से कांगड़ा के जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा को पार्टी ने राज्यसभा भेजने का फैसला किया है.
अनुराग शर्मा को हिमाचल के सीएम सुक्खू और क्रिस्टोफर तिलक को कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की पसंद बताया जा रहा है. दलित समाज से आने वाले करमवीर सिंह बौद्ध कांग्रेस के अनुसूचित विभाग में काफी समय से सक्रिय रहे हैं. राहुल गांधी के संविधान बचाओ सम्मेलन/ सामाजिक न्याय अभियान से जुड़े नेताओं की उनपर पहले से नजर थी.
बहरहाल इन सीटों पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की नजर थी. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा एकबार फिर राज्यसभा में जगह बनाने से चूक गए. हालांकि दो महीने बाद जून में उन्हें राजस्थान से मौक़ा मिल सकता है. जून में कर्नाटक की तीन और मध्य प्रदेश, राजस्थान से राज्यसभा की एक–एक सीट कांग्रेस को मिलना तय है. इनमें एक सीट कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की है जिन्हें दुबारा मौक़ा मिलेगा. मध्य प्रदेश से रिटायर हो रहे दिग्विजय सिंह की जगह कमलनाथ का नंबर लग सकता है!
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