- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने का बयान दिया है
- बीजेपी प्रवक्ता देबजीत सरकार ने ममता के इस्तीफा न देने के बयान को असंवैधानिक और बेतुका बताया है
- देबजीत सरकार ने ममता के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर साजिश के आरोपों को पूरी तरह झूठ करार दिया है
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भी सियासी उठापटक कम नहीं हो रही है. टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि वो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी क्योंकि वो हारी नहीं हैं. ममता बनर्जी के इस बयान पर बीजेपी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. बीजेपी प्रवक्ता देबजीत सरकार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ममता बनर्जी का बंगाल की मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा न देने की इच्छा रखना असंवैधानिक है. उन्होंने कहा कि वो जैसी बातें कर रही हैं वो खुद को ही हास्यास्पद बना रही हैं.
'ममता की बातें हास्यास्पद'
देबजीत सरकार ने कहा कि ममता बनर्जी कुछ और दिनों तक प्रचार में रहना चाहती हैं, इसलिए ऐसी बातें कर रही हैं. लेकिन इस तरह की हास्यास्पद बातों का जवाब बीजेपी जैसी संविधान में भरोसा रखने वाली पार्टी नहीं दे सकती. उन्होंने कहा कि कोई भी संविधान में विश्वास करने वाला ऐसी बातें नहीं कर सकता है.
देबजीत सरकार ने ममता बनर्जी के बयान को बेतुका और असंवैधानिक कहकर खारिज कर दिया. PM और गृह मंत्री की कथित साजिश में शामिल होने के ममता बनर्जी के दावों पर देबजीत ने कहा कि यह सरासर झूठ है. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ सुर्खियां बटोरना चाहती हैं और भारतीय संविधान की अवहेलना करती हैं.
VIDEO | Kolkata: As Mamata Banerjee asserts that she won't resign as CM, BJP spokesperson Debjit Sarkar says, "Mamata Banerjee not willing to resign as Bengal CM is 'unconstitutional'."#WestBengalResults2026 #Results2026WithPTI #AssemblyElectionResults2026
— Press Trust of India (@PTI_News) May 5, 2026
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'बीजेपी को बदनाम करने के लिए TMC वाले ही कर रहे हिंसा'
उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में हिंसक घटनाएं असल में तृणमूल के कार्यकर्ताओं द्वारा ही रची जाती हैं, जो BJP कार्यकर्ता बनकर ऐसा करते हैं, ताकि BJP को बदनाम किया जा सके और लोगों की सहानुभूति हासिल की जा सके. उन्होंने आगे कहा कि अगर ऐसी कोई घटना होती है, तो प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है और कानून बिना किसी भेदभाव के अपना काम करेगा. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का विरोधी पार्टियों के दफ्तरों पर कब्जा करने में कोई हाथ नहीं है.
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वहीं ममता बनर्जी के बयान पर बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायक सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि संविधान में सब कुछ लिखा है. मुझे ज़्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा BJP विधायक दिलीप घोष ने कहा कि अगर आप मीडिया के सामने शिकायत करती हैं, तो उससे कुछ हासिल नहीं होने वाला. जनता का जनादेश ही सर्वोपरि है. आप चुनाव आयोग की बात नहीं मानतीं, कोर्ट की बात नहीं मानतीं. तो फिर, आप किसकी बात मानती हैं? भगवान से डरिए. आप कितना झूठ बोलेंगी? वह हमेशा हर बात पर अड़ियल रवैया अपनाती हैं, लेकिन बाद में मान जाती हैं. वह कुछ दिन इंतजार करेंगी यह देखने के लिए कि क्या कोई उनका साथ दे रहा है. अगर उन्हें लगेगा कि वह अकेली हैं, तो वह मान जाएंगी. यहां तक कि उनका भतीजा भी उनका साथ नहीं देगा.
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