तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा के स्थिति में किसी भी दल के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है. विजय की पार्टी टीवीके के पास 113 विधायकों का समर्थन है. इसमें पांच विधायक कांग्रेस के हैं. इसके बाद बहुमत के लिए 6 विधायक कम पड़ रहे हैं. क्योंकि विजय ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था और उन्हें एक सीट छोड़ना पड़ेगा.
राज्यपाल ने विजय से आज यानी 7 मई 2026 को मुलाकात की और पूछा कि वे सरकार कैसे बनाएंगे और बहुमत कैसे आएगा. राज्यपाल ने यह भी पूछा कि वह किस पार्टी से समर्थन लेने वाले हैं.
बीजेपी ने कहा- हम कोई दबाव नहीं बना रहे
नई सरकार के गठन को लेकर बीजेपी ने अपना रिएक्शन दे दिया है. बीजेपी की ओर से कहा गया है कि वह राज्यपाल पर कोई दबाव नहीं बना रहे हैं. BJP के नारायणन तिरुपति ने दूसरी राजनीतिक पार्टियों के उन आरोपों को खारिज कर दिया है कि वे गवर्नर पर "दबाव" डाल रहे हैं. दबाव कैसे डाला जा सकता है.
उन्होंने न्यूज़ एजेंसी PTI से कहा, "यह एक बंटा हुआ जनादेश है और हम सब जानते हैं कि TVK के पास बहुमत नहीं था और उन्हें इसे साबित करना होगा. अगर वह (विजय) साबित कर देते हैं कि उनके पास बहुमत है, तो गवर्नर इसे मान लेंगे. कोई कैसे दबाव डाल सकता है. जो भी संवैधानिक रूप से लागू होगा, वही होगा."
शपथ लेने से पहले विजय कहां चूक गए?
चुनावी राजनीति और सरकार गठन के जानकारों का कहना है कि विजय से यही चूक हुई, वो सिंगल लारजेस्ट पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा करते तो अभी वो शपथ ग्रहण की तैयारी कर रहे होते. फ्लोर टेस्ट तक बहुमत का आंकड़ा जुटाने का मौका भी उन्हें मिलता. लेकिन राजनीतिक अनुभव की कमी के कारण वो यह नहीं कर सके. फिर उन्हें विधायक जुटाने के लिए कुछ वक्त भी मिल जाता.
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