
बिहार में कल हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आज विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. कई मंत्रियों के विभाग बदल दिए गए हैं. उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा से पथ निर्माण लेके नितिन नवीन को दिया गया. वहीं नितिन नवीन का नगर विकास अब जीवेश मिश्रा को मिला है. विजय सिन्हा को कृषि विभाग मिला है जो कि मंगल पांडे के पास था. मंगल पांडे के पास एक नया विभाग विधि विभाग आया, जो नितिन नवीन संभाल रहे थे. इसके अलावा संजय सरावगी को राजस्व मिला जो कि दिलीप जायसवाल के पास था .जयसवाल ने इस्तीफ़ा दिया और अब वो बिहार बीजेपी के अध्यक्ष हैं.
किसे मिला कौन सा विभाग
- राजू कुमार सिंह को पर्यटन विभाग
- विजय सिन्हा को कृषि, खन्न एवं भूतत्व विभाग
- विजय मंडल को आपदा प्रबंधन विभाग
- प्रेम कुमार को सहकारिता विभाग
- नितीन नवीन को पथ निर्माण विभाग
- संजय सरावगी को राजस्व एवं भूमि सुधार
- मोतीलाल प्रसाद को कला संस्कृति एवं युवा विभाग
- जीवेश मिश्रा को नगर विकास विभाग
- मंंगल पांडे को विधि विभाग
कैबिनेट विस्तार से हर क्षेत्र व वर्ग को साधने की कोशिश
दरअसल, बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले बुधवार को हुए कैबिनेट विस्तार में हर क्षेत्र और वर्ग को साधने की कोशिश की गई है. हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने के लिए नेताओं को कैबिनेट में एडजस्ट किया गया है. इसी कोशिश के जरिए बिहार में मंत्री बनाए गए सभी 7 विधायक सात अलग-अलग जाति और क्षेत्र के रहने वाले हैं.
मंत्रिमंडल विस्तार में उत्तरी बिहार का दबदबा
बुधवार को हुए नीतीश कैबिनेट विस्तार में उत्तरी बिहार का दबदबा देखने को मिला है. मंत्री बनाए गए सात में ज्यादातर उत्तरी बिहार से हैं. बिहार के चुनावी इतिहास को देखें तो उत्तरी बिहार में भाजपा काफी मजबूत रही है. राजू सिंह, जीवेश मिश्रा, मोती लाल प्रसाद, संजय सरावगी ये चारों मंत्री मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सीतामढ़ी के हैं. इसके अलावा एक छपरा, एक अररिया और एक बिहारशरीफ से हैं.
बिहार में अभी मंत्रिमंडल विस्तार क्यों?
बिहार में सितंबर-अक्टूबर 2025 में चुनाव होने वाला है. 28 फरवरी से बिहार में बजट सत्र शुरू होने जा रहा है. जो डेढ़ महीने तक चलेगा. बजट सत्र में विस्तार संभव नहीं है. ऐसे में ये अंतिम कैबिनेट विस्तार है. 6 मंत्रियों की जगह ख़ाली थी. राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी मंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया था. ऐसे में बीजेपी कोटे से कुल 7 मंत्री बनाए गए. इस कैबिनेट विस्तार के जरिए जातिगत समीकरणों के साथ-साथ क्षेत्रीय समीकरण को भी साधने की कोशिश की गई है.
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