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This Article is From Jan 24, 2025

राजौरी के बड़हाल गांव में रहस्यमय बीमारी का राज खुला! क्या है कैडमियम जिसने 17 जानें ले लीं

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कहा कि लखनऊ स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टाक्सीकॉलोजी रिसर्च के वैज्ञानिकों ने मृतकों के शरीर में कैडमियम ना का टाक्सिन होने की रिपोर्ट दी है. उन्होंने कहा है कि मृतकों के शरीर में कैडमियम कहां से आया, यह पुलिस की जांच का विषय है.

राजौरी के बड़हाल गांव में रहस्यमय बीमारी का राज खुला! क्या है कैडमियम जिसने 17 जानें ले लीं
राजौरी के गांव में फैली बीमारी, अभी तक 17 लोगों की हो चुकी है मौत
नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बीते कुछ दिनों से एक रहस्यमयी बीमारी का प्रकोप बढ़ता दिखा रहा है. बताया जा रहा है कि इस बीमारी से अभी तक 17 की मौत हो चुकी है. इस बीमारी की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या में हर बीतते दिन के साथ इजाफा हो रहा है. क्या बच्चे क्या बुजुर्ग और क्या ही महिलाएं, हर कोई इससे संक्रमित हो रहा है. आप स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि हालात को बिगड़ता देख राजौरी के बडाल गांव में कंटेनमेंट जोन बनाने की नौबत तक आ गई है. प्रशासन इस बीमारी पर काबू पाने की हर संभव कोशिश कर रहा है. इन सब के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का एक बड़ा बयान आया है. उन्होंने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा है कि राजौरी के बडाल गांव में रहस्मय हालात में हुई मौतों का कारण संक्रमण या वायरस नहीं बल्कि टाक्सिन कैडमियम है. 

राजौरी के बडाल गांव में अब तक क्या हुआ?

  • जम्मू के राजौरी में रहस्यमयी बीमारी से 17 मौतें
  • डेढ़ महीने में 13 बच्चों समेत 17 लोगों की मौत
  • बड़हाल गांव में बने तीन कंटेनमेंट जोन
  • बीमारों के संपर्क में आए 60 से ज्यादा लोग नर्सिंग होम में रखे गए
  • पूरा बड़हाल गांव हुआ क्वारंटाइनअब भी लगातार लोग पड़ रहे बीमार
  • वायु सेना के हेलीकॉप्टर से 3 बच्चे जम्मू रेफर, एक गंभीर
  • सीएम उमर अब्दुल्ला ने किया गांव का दौरा
  • ADGP और मंडलायुक्त ने गांव का दौरा कर जाने हालात

पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच 

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि लखनऊ स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टाक्सीकॉलोजी रिसर्च के वैज्ञानिकों ने मृतकों के शरीर में कैडमियम ना का टाक्सिन होने की रिपोर्ट दी है. उन्होंने कहा है कि मृतकों के शरीर में कैडमियम कहां से आया, यह पुलिस की जांच का विषय है. लखनऊ में किए गए परीक्षणों से मृतकों में किसी से भी संक्रमण, वायरस या बैक्टीरिया होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है. इस जांच में मौत का कारण सिर्फ एक जहर को बताया गया था टाक्सिन उनके शरीर में पहुंचने के पीछे क्या कोई शरारत थी या ये किस तरह से इन लोगों के शरीर के अंदर पहुंचा इसकी भी जांच की जा रही है.  

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अब तक 13 बच्चों समेत 17 की हो चुकी है मौत 

आपको बता दें कि पिछले साल सितंबर से लेकर अब तक राजौरी के बडाल गांव में 13 बच्चों समेत 17 लोगों की मौत हो चुकी है. बताया जा रहा है कि मरने वाले सभी लोग तीन परिवारों से ही ताल्लुक रखते थे. इन परिवारों से जुड़े 38 अन्य लोग भी टाक्सिन से प्रभावित हुए हैं. वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमों का कहना है कि इन मौतों को लेकर हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है. 

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कैडमियम होती क्या है

जानकार बताते हैं कि कैडमियम एक अधिक जहरीली धातु होती है, जो शरीर में घुसते ही कई रोगों का कारण बन सकती है. कहा जा रहा है कि दूषित भोजन करने, गंदा पानी पीने, प्रदूषित वातावरण में सांस लेने से लोग कैडमियम के संपर्क में आ सकते हैं. कैडमियम युक्त इलेक्ट्रानिकसस खिलौने, आभूषण व प्लास्टिक की रिसाइकलिंग से भी प्वाइजनिंग हो सकती है. 

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