विज्ञापन
This Article is From Apr 20, 2018

कांग्रेस ने महाभियोग को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया: अरुण जेटली

अरुण जेटली ने कहा कि  यह न्यायाधीशों को डराने और दूसरे न्यायाधीशों को संदेश देने का प्रयास है कि अगर आप मेरी बात से सहमत नहीं होंगे तब 50 सांसद बदले की कार्रवाई के लिए पर्याप्त हैं.

कांग्रेस ने महाभियोग को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया: अरुण जेटली
अरुण जेटली की फाइल फोटो
  • अरुण जेटली ने कहा कांग्रेस ने बदले की भावना के तहत ऐसा किया
  • लोकतंत्र के लिए इस तरह का कदम बड़ा खतरा साबित हो सकता है
  • जज लोया मामले में कांग्रेस झूठ को स्थापित करना चाहती थी- जेटली
नई दिल्ली: कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों द्वारा सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव देने को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है. अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस और उसके मित्रों ने महाभियोग को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया है. महाभियोग के प्रस्ताव से स्पष्ट है कि न्यायाधीश लोया मामले में याचिका बदले भावना से न्यायाधीशों को डराने के लिए दायर की गई. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने ब्लाग में लिखा कि महाभियोग का मामला कदाचार के स्थापित मामलों में चलाया जाता है.  इस बारे में मेरी प्रारंभिक प्रतिक्रिया यह है कि जब आपके पास कदाचार का कोई मामला स्थापित नहीं हो और न ही संख्या बल आपके पक्ष में हो, तब इस शक्ति को डराने के हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करना न्यायिक स्वतंत्रता के समक्ष गंभीर खतरा है . उन्होंने कहा कि न्यायाधीश लोया की मौत के मामले में कांग्रेस पार्टी का झूठ स्थापित होने के बाद दायर की गई यह याचिका ‘बदले की भावना’ से प्रेरित है .

यह भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में जारी है कैश की किल्‍लत, यूपी के ग्रामीण इलाकों में सुधरे हालात

अरुण जेटली ने कहा कि  यह न्यायाधीशों को डराने और दूसरे न्यायाधीशों को संदेश देने का प्रयास है कि अगर आप मेरी बात से सहमत नहीं होंगे तब 50 सांसद बदले की कार्रवाई के लिए पर्याप्त हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इसमें कुछ आरोप पुराने और महत्वहीन हैं और इनका न्यायिक कामकाज से कुछ भी लेनादेना नहीं है. न्यायाधीश लोया की मौत के मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला जनता के बीच और राजनीतिक क्षेत्र में दुष्प्रचार की साजिश का खुलासा करता है. महाभियोग मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि महाभियोग के बारे में कोई भी निर्णय पार्टी लाइन या व्हीप के आधार पर नहीं किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: Mutual funds में कम पैसे निवेश कर बनें करोड़पति, ये हैं टॉप 5 इनवेस्टमेंट ऑप्शन

गौरतलब है कि कांग्रेस के नेतृत्व में सात विपक्षी दलों ने शुक्रवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर ‘गलत आचरण’ का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को महाभियोग का नोटिस दिया है. महाभियोग प्रस्ताव पर कुल 71 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं जिनमें सात सदस्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं. महाभियोग के नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में कांग्रेस, राकांपा, माकपा, भाकपा, सपा, बसपा और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के सदस्य शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: देशभर में क्यों हो रही कैश की क़िल्लत? ये हैं 10 वजह

जेटली ने कहा कि अगर संस्थानों में बाधा डालने वालों और महाभियोग प्रस्ताव से धमकाने वाले हथकंडे न्यायिक स्वतंत्रता के लिये खतरे हैं और इसका एकमात्र खतरा विभाजित अदालत को है. वित्त मंत्री ने सवाल किया कि क्या शुक्रवार को पेश हुए महाभियोग का प्रस्ताव उस प्रेस कांफ्रेंस का सीधा परिणाम था ?

VIDEO: अरुण जेटली ने कहा जज को डराने की कोशिश.


क्या महाभियोग की पहल यह चलन स्थापित करता है कि भारत में राजनीतिक दल महाभियोग को विवादास्पद मामलों में न्यायाधीशों को डराने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करेंगे ? जेटली ने कहा कि इस संबंध में कुछ लोगों के दुस्साहस की कीमत भारतीय न्यायपालिका को चुकानी पड़ेगी. (इनपुट भाषा से) 
 
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Arun Jaitley Accused Congress Party For Impeachment Motion
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com