आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम और पंचायत राज मंत्री पवन कल्याण ने सोमवार को वाईएसआर कांग्रेस (YSRCP) के एक नेता और अन्य लोगों के खिलाफ गैर-जमानती मामला दर्ज किया जाए. इन लोगों पर 'पल्ले पांडुगा' योजना के तहत बनी सड़क को खराब करने का आरोप है.
तिरुपति जिले के पुल्लमपेटा मंडल में अनंतसमुद्रम और पापाक्कागारीपल्ले गांव के बीच बनी सड़क को नष्ट किए जाने के मामले को डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने बहुत गंभीरता से लिया है.
उन्होंने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के नेता सुब्बा रेड्डी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें, जो कथित तौर पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है.
100 मीटर सड़क उखाड़ने का आरोप
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क को नष्ट करने वालों के खिलाफ 'राजस्व वसूली अधिनियम' लागू किया जाए, ताकि नुकसान की भरपाई उनसे की जा सके.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, पवन कल्याण ने सोमवार को पंचायत राज और ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारियों के साथ इस घटना और आगे की कार्रवाई की समीक्षा की.
अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है. इसमें कहा गया है कि सुब्बा रेड्डी नाम के एक व्यक्ति ने वेंकटसुब्बा रेड्डी नाम के एक अन्य व्यक्ति की मदद से, ट्रैक्टर का इस्तेमाल करके सड़क के 100 मीटर हिस्से को उखाड़ दिया.
यह सड़क 'पल्ले पांडुगा 3.0' पहल के तहत महज एक हफ्ते पहले ही 4.75 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी.
हाल ही में शुरू की गई 'पल्ले पांडुगा 3.0', राज्य सरकार के ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की श्रृंखला का तीसरा संस्करण है.
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर आज शाम तक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा.
पवन कल्याण ने दिए सख्त आदेश
इस संबंध में, पवन कल्याण ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जनसुविधा के लिए बनाई गई सरकारी संपत्ति को नष्ट करना एक अक्षम्य अपराध है, और उन्होंने सड़क को नष्ट करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज करने का आदेश दिया.
सरकारी पैसे से बनी सड़क को नष्ट किए जाने को एक दुर्भावनापूर्ण कृत्य बताते हुए, उन्होंने जोर देकर कहा कि इसमें शामिल नेताओं और उनका समर्थन करने वालों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए.
यह भी तय किया गया कि जनहित के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान सबके सामने लाई जानी चाहिए.
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