लद्दाख में चीन के साथ झड़प में 76 जवान हुए थे घायल, तेजी से सुधर रही सबकी हालत : सेना के अधिकारी

Ladakh Clash: लद्दाख के गलवान घाटी (Galwan Valley) में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना का कोई भी जवान अब गंभीर रूप से घायल नहीं है और सबकी हालत स्थिर है. सेना के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है.

लद्दाख में चीन के साथ झड़प में 76 जवान हुए थे घायल, तेजी से सुधर रही सबकी हालत : सेना के अधिकारी

लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में घायल सेना के किसी भी जवान की हालत गंभीर नहीं : सेना

नई दिल्ली:

Ladakh Clash: लद्दाख के गलवान घाटी (Galwan Valley) में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना का कोई भी जवान अब गंभीर रूप से घायल नहीं है और सबकी हालत स्थिर है. सेना के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया, 'हमारे सभी जवानों की हालत ठीक है और कोई भी सैनिक गंभीर नहीं है. लेह के अस्पताल में हमारे 18 जवान हैं और वह 15 दिन के भीतर ही ड्यूटी ज्वाइन कर लेंगे. इसके अलावा 56 जवान दूसरे अस्पतालों में हैं, जो मामूली तौर पर घायल हैं और वह एक हफ्ते भर के भीतर ही ड्यूटी पर लौट आएंगे.

इसके साथ-साथ सेना ने यह भी बताया कि कोई भी जवान चीन के कब्जे में नहीं है. बता दें कि सोमवार रात गलवान घाटी में चीन की सेना के साथ हुई हिंसक झड़प में एक कर्नल समेत 20 सैनिकों की जान चली गई थी. इससे पहले सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि कोई भी भारतीय सैनिक चीनी सेना की हिरासत में नहीं है. सेना सूत्रों ने यह भी बताया कि सैकड़ों सैनिकों के बीच कई घंटे तक चले संघर्ष में चीन के 45 सैनिक या तो मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए हैं. 

बता दें कि 15 जून की शाम को 4:00 से 5:00 बजे के बीच बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू ने चीन के कमांडिंग ऑफिसर से समझौते का पालन करने को कहा और गलवान नदी के पास जगह को खाली करने को कहा. इस पर चीनी सेना का बर्ताव बहुत ही आक्रामक था. उन्होंने फौरन भारी संख्या में हमला बोल दिया और पत्थरबाजी शुरू कर दी. इसमें 16 बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर गंभीर रूप से घायल हो गए. कमांडिंग ऑफिसर के साथ लोगों ने उन्हें वहां से बचाकर निकाला और इलाज के लिए बेस कैंप ले गए. वहां मौजूद भारतीय जवान चीनी सैनिकों का लगातार मुकाबला करते रहे. कुछ और भारतीय सैनिक अपने लोगों की सहायता के लिए घटना स्थल पर पहुंचे. चीनी सैनिक भी वहां पर बड़ी संख्या में जमा हो गए. दोनों तरफ जबरदस्त धक्का-मुक्की हुई जो आधी रात तक चलती रही.

इस झड़प के दौरान जमकर पत्थरबाजी हुई और धक्का-मुक्की हुई. वहां पर जगह कम  होने के चलते और  तीखे पहाड़ों पर फिसलन के चलते कई जवान नाली में गिर गए और गलवान नदी में भी गिर गए. इस झड़प में कई जवान घायल हो गए कुछ जवान पहाड़  के चलते  फिसलकर गिर गए जिससे उन्हें चोटें आईं. गलवान नदी में गिरने के कारण कई जवान हाइपोथर्मिया के शिकार हो गए क्योंकि नदी का पानी ठंड से बिल्कुल जमा हुआ था. सेना ने गलवान नदी में तलाशी अभियान चलाकर जवानों को बाहर निकाला और पास के मेडिकल फैसिलिटी तक ले गए. उनमें से कई की वहां लाने से पहले ही मौत हो चुकी थी.

बातचीत फिर बेनतीजा
उधर, पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प मुद्दे पर गुरुवार को भी दोनों देशों के बीच मेजर जनरल स्‍तर की दूसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही. सूत्रों ने यह जानकारी दीं. सूत्रों के मुताबिक  भारत और चीन के मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच आज बातचीत खत्म हो गई लेकिन इसमें दोनों पक्ष किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके. इससे पहले, बुधवार को दोनों देशों के बीच पहले दौर की बातचीत भी बिना नतीजे के समाप्‍त हो गई थी.यह बातचीत उसी क्षेत्र में हो रही है जहां सोमवार रात को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. 

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