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'कैश-फॉर-वोट' कांड से राज्यसभा तक: तेलंगाना CM के सबसे करीबी वेम नरेंद्र रेड्डी बने कांग्रेस उम्मीदवार

CM रेवंत रेड्डी के सबसे भरोसेमंद साथी माने जाने वाले नरेंद्र रेड्डी का नामांकन न केवल उनकी राजनीतिक वफादारी को दर्शाता है, बल्कि इसने 2015 के बहुचर्चित 'कैश-फॉर-वोट' घोटाले की यादें भी ताजा कर दी हैं.

'कैश-फॉर-वोट' कांड से राज्यसभा तक: तेलंगाना CM के सबसे करीबी वेम नरेंद्र रेड्डी बने कांग्रेस उम्मीदवार
  • अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने तेलंगाना से राज्यसभा चुनाव के लिए वेम नरेंद्र रेड्डी का नामांकन किया है
  • वेम नरेंद्र रेड्डी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सबसे भरोसेमंद साथी और सलाहकार माने जाते हैं
  • 2015 के कैश-फॉर-वोट घोटाले में वेम नरेंद्र रेड्डी का नाम विवादित रहा था और एसीबी ने उनसे पूछताछ की थी
हैदराबाद (तेलंगाना):

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने तेलंगाना से राज्यसभा चुनाव के लिए वेम नरेंद्र रेड्डी के नाम पर मुहर लगा दी है. CM रेवंत रेड्डी के सबसे भरोसेमंद साथी माने जाने वाले नरेंद्र रेड्डी का नामांकन न केवल उनकी राजनीतिक वफादारी को दर्शाता है, बल्कि इसने 2015 के बहुचर्चित 'कैश-फॉर-वोट' घोटाले की यादें भी ताजा कर दी हैं.


मुख्यमंत्री के 'संकटमोचक' और पुराने साथी

वेम नरेंद्र रेड्डी और सीएम रेवंत रेड्डी का साथ दशकों पुराना है. दोनों ने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के दिनों से एक साथ राजनीति की है और बाद में एक साथ ही कांग्रेस का दामन थामा था. नरेंद्र रेड्डी वर्तमान में सरकार के सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें रेवंत रेड्डी का 'दायां हाथ' माना जाता है. कांग्रेस आलाकमान का यह फैसला उस वफादारी का इनाम माना जा रहा है जो उन्होंने रेवंत रेड्डी के कठिन समय में दिखाई थी.

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2015 का वो 'कैश-फॉर-वोट' कांड

नरेंद्र रेड्डी का नाम राज्यसभा के लिए सामने आते ही 2015 का वो पल चर्चा में आ गया है. 2015 के तेलंगाना विधान परिषद चुनावों में वेम नरेंद्र रेड्डी टीडीपी के उम्मीदवार थे. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने तत्कालीन टीडीपी विधायक रेवंत रेड्डी को मनोनीत विधायक एल्विस स्टीफनसन को कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत देते हुए रंगे हाथों पकड़ा था. यह रिश्वत नरेंद्र रेड्डी के पक्ष में वोट देने के लिए दी जा रही थी.

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इस मामले में रेवंत रेड्डी को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें करीब 30 दिन जेल में बिताने पड़े थे. एसीबी ने नरेंद्र रेड्डी से भी लंबी पूछताछ की थी. उस समय एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई थी, जिसमें कथित तौर पर चंद्रबाबू नायडू की आवाज होने का दावा किया गया था. इस कांड के बाद ही नायडू ने हैदराबाद छोड़कर अमरावती से सरकार चलाना शुरू किया था.

वफादारी का मिला बड़ा इनाम

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वेम नरेंद्र रेड्डी ने रेवंत रेड्डी के हर उतार-चढ़ाव में उनका साथ दिया. जब रेवंत रेड्डी कांग्रेस में शामिल हुए और मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे, नरेंद्र रेड्डी हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़े रहे. समर्थकों का कहना है कि उनकी उम्मीदवारी एक ऐसे नेता की पहचान है जिसने अपने राजनीतिक साथी का साथ कभी नहीं छोड़ा.

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16 मार्च को होगा मतदान

तेलंगाना में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है. कांग्रेस ने अपनी बिसात बिछाते हुए दो दिग्गजों को मैदान में उतारा है. अभिषेक मनु सिंघवी (वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता) और  वेम नरेंद्र रेड्डी (CM रेवंत रेड्डी के करीबी). नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है. फिलहाल विपक्षी दल बीआरएस (BRS) ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है.
 

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आशीष कुमार पांडेय
Deputy Editor
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