मध्य प्रदेश के हरदा में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा बड़ी संख्या में शिक्षकों ने कृषि उपज मंडी से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली. रैली के बाद कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया. इस दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी भी की.
TET अनिवार्यता खत्म करने की उठी मांग
मोर्चा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है. उनका कहना है कि पहले से नियुक्त शिक्षकों पर TET पास करने का दबाव बनाना उचित नहीं है.
‘मानसिक तनाव में शिक्षक'
राज्य शिक्षा संघ के जिला अध्यक्ष रामनिवास जाट के अनुसार, हरदा जिले में नॉन-TET शिक्षकों पर लगातार TET पास करने का दबाव बनाया जा रहा है. इससे शिक्षकों में मानसिक तनाव की स्थिति बन रही है, जो शिक्षा व्यवस्था के लिए भी ठीक नहीं है.
NCTE गाइडलाइन का दिया हवाला
शिक्षक संगठनों ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की गाइडलाइन का जिक्र करते हुए बताया कि 2001 से पहले और 2011 से 2014 के बीच नियुक्त कई शिक्षकों को पहले ही TET से छूट दी जा चुकी है. ऐसे में अब इसे अनिवार्य करना न्यायसंगत नहीं है. मोर्चा ने यह भी मांग रखी कि शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना पहली नियुक्ति की तारीख से की जाए. इससे उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य आर्थिक लाभ मिल सकेंगे.
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