
जद(यू) के राज्यसभा सदस्य महेंद्र प्रसाद की कानूनन पत्नी होने का दावा करने वाली महिला ने दिल्ली उच्च न्यायालय से सांसद के बेटे को वसंत विहार स्थित उनके घर को खाली करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है. सांसद की असल पत्नी के जेवरात बरामद होने के सिलसिले में इस महिला को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस महिला का आवेदन न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था. पीठ ने मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर के लिए स्थगित कर दी है.
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उच्च न्यायालय ने 11 अक्टूबर को कहा था कि बेटा परिसर में नहीं रह सकता है और सिर्फ अपनी मां, प्रसाद की असल पत्नी से मिलने के लिए वहां जा सकता है. इसके बाद अदालत में गिरफ्तार महिला ने याचिका दायर की. पुत्र ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उसकी मां को अन्य महिला और उसके पिता ने अवैध तरीके से कैद किया हुआ है.
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इसके बाद गिरफ्तार महिला ने उच्च न्यायालय के आदेश पर चार सप्ताह तक प्रसाद से मिलने से खुद को रोक दिया था. प्रसाद के बेटे ने पिछली तारीख को अदालत से कहा था कि वह इस परिसर में इसलिए रह रहे हैं, क्योंकि उनकी मां चाहती हैं कि वह उनके साथ रहें.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं