
राहुल गांधी ने शरद यादव से खुद सवाल करने की जगह सीताराम येचुरी की ओर देखा, जिन्होंने सवाल किया...
नई दिल्ली:
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने विपक्षी दलों की मंगलवार को हुई बैठक में जब देशभर में फैले किसान आंदोलन का मुद्दा उठाया, तो वहां मौजूद बहुत-से नेता उनसे जानना चाहते थे कि वह (शरद यादव) अपने व्यक्तिगत विचार व्यक्त कर रहे हैं, या पार्टी की ओर से बोल रहे हैं, क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू हालिया वक्त कई अहम मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ खड़ी दिखाई दी है.
सूत्रों ने NDTV को बताया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बैठे एक वरिष्ठ सांसद चाहते थे कि शरद यादव से राहुल यह सवाल करें, लेकिन राहुल ने ऐसा नहीं किया, और अपने साथ बैठे वाम नेता सीताराम येचुरी की ओर देखा. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) प्रमुख ने कतई वक्त नहीं गंवाया, और तपाक से सवाल कर डाला.
पिछले साल तक जेडीयू के प्रमुख रहे शरद यादव ने कहा कि किसानों की तकलीफ के मुद्दे से उनकी पार्टी बेहद चिंतित है, और इस बारे में उनके विचार उनकी पार्टी के ही विचार हैं.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता, जो नाम जाहिर करने के इच्छुक नहीं थे, ने कहा, "हम निश्चित रूप से शरद (यादव) जी के विचारों का सम्मान करते हैं, लेकिन नोटबंदी के दौरान भी उनके विचार बिहार के मुख्यमंत्री के विचारों से अलग थे..." दरअसल, नीतीश कुमार ने पिछले साल की गई नोटबंदी के समय विपक्ष के रुख से कतई उलट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया था.
हाल ही में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए भी नीतीश कुमार ने समूचे विपक्ष से विपरीत दिशा में जाकर सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रत्याशी का समर्थन कर दिया था. पिछले महीने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई विपक्षी नेताओं की बैठक में शिरकत करने से नीतीश कुमार ने परहेज़ किया था, लेकिन अगले ही दिन वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित एक भोज में शिरकत के लिए दिल्ली आए थे.
सूत्रों ने NDTV को बताया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बैठे एक वरिष्ठ सांसद चाहते थे कि शरद यादव से राहुल यह सवाल करें, लेकिन राहुल ने ऐसा नहीं किया, और अपने साथ बैठे वाम नेता सीताराम येचुरी की ओर देखा. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) प्रमुख ने कतई वक्त नहीं गंवाया, और तपाक से सवाल कर डाला.
पिछले साल तक जेडीयू के प्रमुख रहे शरद यादव ने कहा कि किसानों की तकलीफ के मुद्दे से उनकी पार्टी बेहद चिंतित है, और इस बारे में उनके विचार उनकी पार्टी के ही विचार हैं.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता, जो नाम जाहिर करने के इच्छुक नहीं थे, ने कहा, "हम निश्चित रूप से शरद (यादव) जी के विचारों का सम्मान करते हैं, लेकिन नोटबंदी के दौरान भी उनके विचार बिहार के मुख्यमंत्री के विचारों से अलग थे..." दरअसल, नीतीश कुमार ने पिछले साल की गई नोटबंदी के समय विपक्ष के रुख से कतई उलट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया था.
हाल ही में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए भी नीतीश कुमार ने समूचे विपक्ष से विपरीत दिशा में जाकर सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रत्याशी का समर्थन कर दिया था. पिछले महीने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई विपक्षी नेताओं की बैठक में शिरकत करने से नीतीश कुमार ने परहेज़ किया था, लेकिन अगले ही दिन वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित एक भोज में शिरकत के लिए दिल्ली आए थे.
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