बेंगलुरु:
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में रविवार को करीब 4.35 करोड़ मतदाताओं में से अनुमानत: 69 फीसदी ने मतदान किया और यह भी अनुमान है कि संकट में घिरी भाजपा की स्थिति डांवाडोल है जबकि कांग्रेस मजबूत बनकर उभरने वाली है।
मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक हुआ। मतदान की शुरुआत तेज रही लेकिन दिन चढ़ने के साथ-साथ बढ़ती गर्मी ने दोपहर बाद मतदाताओं का हौसला पस्त कर दिया। आखिरी समय में मतदान में एक बार फिर तेजी आई। विधानसभा की 224 में से 223 सीटों के लिए आज मतदान हुआ जिससे कुल 2940 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।
मैसूर जिले की पेरियापटना विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार की मौत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया जहां अब मतदान 28 मई को होगा।
कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी अनिल कुमार झा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि शाम पांच बजे तक 63 फीसदी मतदान की खबर थी ‘‘लेकिन शामें हमने जो रुख देखा उससे हम अनुमान लगा रहे हैं कि यह 69 फीसदी तक पहुंचा होगा।’’ मतगणना 8 मई को होगी।
प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार, विधानभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जी परमेश्वर, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और जदएस प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी शामिल हैं। अधिकारियों ने मतदान के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए थे। करीब 52 हजार मतदान केंद्रों पर 1.35 लाख पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था जहां करीब 65 हजार इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें लगाई गई थीं।
कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा। बेल्लारी में ऐसी घटना घटी।
अपने मूल दल से अलग हुई पार्टियां- पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की कर्नाटक जनता पक्ष और पूर्व मंत्री बी श्रीरामुलू द्वारा गठित बीएसआर कांग्रेस के भाजपा की संभावानाओं में सेंध लगाए जाने की संभावना है। भाजपा पहले से ही आंतरिक खींचतान और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रही है।
झा ने बताया कि उत्तर कन्नड़ जिले के होन्नावर में और तुमकुर जिले में चुनाव ड्यूटी पर लगाए गए दो अधिकारियों की मौत हो गयी। होन्नावार में आज तड़के सेक्टर अधिकारी एम सी महेंद्र की मौत हो गई जबकि मधुगिरि तालुक में दिल का दौरा पड़ने से पीठासीन अधिकारी थिमैया चल बसे।
चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में अनुमान जताया गया है कि कांग्रेस अकेली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है या सत्ता की दहलीज पर पहुंच सकती है। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में 110 सीटें प्राप्त करने वाली भाजपा की सीटें आधे से भी कम होने अनुमान जताया गया है। पिछली बार के मुकाबले इस बार जदएस की सीटें करीब एक दर्जन बढ़ सकती है। पिछली बार जदएस को 28 सीटें मिली थीं।
पुलिस ने चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है जो कोलार जिला मुख्यालय में खुलेआम तलवार लेकर घूम रहे थे। इसके साथ ही एक निर्दलीय और एक राजनीतिक पार्टी के उम्मीदवार के समर्थकों के बीच एक बड़ा संघर्ष टल गया।
चिक्कबल्लापुरा जिले के सिद्धलागट्टा में एक व्यक्ति अन्य पार्टी के समर्थकों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। बेल्लारी में एक मतदान केंद्र पर मामूली सी बात पर एक पुलिसकर्मी ने कथित रूप से एक मतदाता को पीट दिया। मतदाता को कान में चोट लगी।
वर्ष 2008 के चुनाव में 224 सीटों के लिए हुए मतदान में भाजपा को 33.86 प्रतिशत मत के साथ 110 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को (34.59 प्रतिशत मत) के साथ 80 सीटें और जदएस को 19.13 प्रतिशत मतों के साथ 28 सीटें मिली थीं। वर्ष 2008 में कुल 64.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में 64.91 फीसदी मतदान हुआ था लेकिन बेंगलूर में 28 निर्वाचन क्षेत्रों में महज 47.3 फीसदी मतदाताओं ने ही वोट डाला था। सर्वजननगर में तो महज 35.40 फीसदी ही वोट पड़े थे।
लेकिन, जैसा कि, झा ने बताया कि बेंगलूर शहरी क्षेत्र में इस बार शाम पांच बजे 52 फीसदी मतदान हुआ जो पिछली बार से अच्छा है।
मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक हुआ। मतदान की शुरुआत तेज रही लेकिन दिन चढ़ने के साथ-साथ बढ़ती गर्मी ने दोपहर बाद मतदाताओं का हौसला पस्त कर दिया। आखिरी समय में मतदान में एक बार फिर तेजी आई। विधानसभा की 224 में से 223 सीटों के लिए आज मतदान हुआ जिससे कुल 2940 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।
मैसूर जिले की पेरियापटना विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार की मौत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया जहां अब मतदान 28 मई को होगा।
कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी अनिल कुमार झा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि शाम पांच बजे तक 63 फीसदी मतदान की खबर थी ‘‘लेकिन शामें हमने जो रुख देखा उससे हम अनुमान लगा रहे हैं कि यह 69 फीसदी तक पहुंचा होगा।’’ मतगणना 8 मई को होगी।
प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार, विधानभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जी परमेश्वर, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और जदएस प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी शामिल हैं। अधिकारियों ने मतदान के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए थे। करीब 52 हजार मतदान केंद्रों पर 1.35 लाख पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था जहां करीब 65 हजार इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें लगाई गई थीं।
कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा। बेल्लारी में ऐसी घटना घटी।
अपने मूल दल से अलग हुई पार्टियां- पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की कर्नाटक जनता पक्ष और पूर्व मंत्री बी श्रीरामुलू द्वारा गठित बीएसआर कांग्रेस के भाजपा की संभावानाओं में सेंध लगाए जाने की संभावना है। भाजपा पहले से ही आंतरिक खींचतान और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रही है।
झा ने बताया कि उत्तर कन्नड़ जिले के होन्नावर में और तुमकुर जिले में चुनाव ड्यूटी पर लगाए गए दो अधिकारियों की मौत हो गयी। होन्नावार में आज तड़के सेक्टर अधिकारी एम सी महेंद्र की मौत हो गई जबकि मधुगिरि तालुक में दिल का दौरा पड़ने से पीठासीन अधिकारी थिमैया चल बसे।
चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में अनुमान जताया गया है कि कांग्रेस अकेली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है या सत्ता की दहलीज पर पहुंच सकती है। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में 110 सीटें प्राप्त करने वाली भाजपा की सीटें आधे से भी कम होने अनुमान जताया गया है। पिछली बार के मुकाबले इस बार जदएस की सीटें करीब एक दर्जन बढ़ सकती है। पिछली बार जदएस को 28 सीटें मिली थीं।
पुलिस ने चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है जो कोलार जिला मुख्यालय में खुलेआम तलवार लेकर घूम रहे थे। इसके साथ ही एक निर्दलीय और एक राजनीतिक पार्टी के उम्मीदवार के समर्थकों के बीच एक बड़ा संघर्ष टल गया।
चिक्कबल्लापुरा जिले के सिद्धलागट्टा में एक व्यक्ति अन्य पार्टी के समर्थकों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। बेल्लारी में एक मतदान केंद्र पर मामूली सी बात पर एक पुलिसकर्मी ने कथित रूप से एक मतदाता को पीट दिया। मतदाता को कान में चोट लगी।
वर्ष 2008 के चुनाव में 224 सीटों के लिए हुए मतदान में भाजपा को 33.86 प्रतिशत मत के साथ 110 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को (34.59 प्रतिशत मत) के साथ 80 सीटें और जदएस को 19.13 प्रतिशत मतों के साथ 28 सीटें मिली थीं। वर्ष 2008 में कुल 64.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में 64.91 फीसदी मतदान हुआ था लेकिन बेंगलूर में 28 निर्वाचन क्षेत्रों में महज 47.3 फीसदी मतदाताओं ने ही वोट डाला था। सर्वजननगर में तो महज 35.40 फीसदी ही वोट पड़े थे।
लेकिन, जैसा कि, झा ने बताया कि बेंगलूर शहरी क्षेत्र में इस बार शाम पांच बजे 52 फीसदी मतदान हुआ जो पिछली बार से अच्छा है।
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