वायरस अब भी हमारे बीच, म्यूटेशन की आशंका बरकरार, सावधानी बढ़ानी होगी : PM नरेंद्र मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोरोना वायरस अभी भी है और हमारे बीच अब भी इसके Mutate करने की संभावना बनी हुई है.

खास बातें

  • कहा, कोरोना के खिलाफ तैयारियों को बढ़ाना होगा
  • इस महामारी ने हमारी सीमा को लगातार परखा है
  • ऐसे समय स्किल्‍ड मेनपावर का पूल होना बेहद जरूरी है
नई दिल्ली:

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोरोना वायरस अभी भी है और हमारे बीच अब भी इसके Mutate करने की संभावना बनी हुई है. इसके लिए हमें हर सावधानी से तैयारी और ज्यादा बढ़ानी होगी. इसी लक्ष्य के साथ आज एक लाख फ्रंटलाइन कोरोनावायरस तैयार करने का महाअभियान शुरू हो रहा है.प्रधानमंत्री ने एक लाख से अधिक ‘कोविड वॉरियर्स' के लिए विशेष रूप से तैयार एक ‘क्रैश कोर्स' कार्यक्रम की शुरुआत की.इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि 21 जून से और बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है. इसके लिए गाइडलाइन जारी की गई है. सरकार हर देशवासी को मुफ्त टीका लगाने के लिए प्रतिबद्ध है हमें हर तरीके से कोरोना प्रोटोकाल का पालन करना होगा.

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पीएम ने कहा कि कोरोना की दूसरी वेब में हमने देखा कि कोरोना वायरस का बार बार बदलता स्‍वरूप हमारे सामने किस तरह की चुनौती सामने ला सकता है. यह वायरस हमारे बीच अभी भी है और इसके म्‍यूटेट होने की आशंका है, इसलिए हर इलाज और हर संभावना के साथ हमें अपनी तैयारियों को और ज्‍यादा बढ़ाना होगा. इस महामारी ने दुनिया को हर देश, संस्‍था, समाज, परिवार, इंसान के सामर्थ को, उसकी सीमा को बार बार परखा है. इस महामारी ने हमें अपनी क्षमताओं का विस्‍तार करने के लिए सतर्क भी किया है.


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 पीएम मोदी ने कहा, आज देश के दूर-सुदूर के क्षेत्रों में अस्‍पतालों में पीपीई किट, ऑक्‍सीजन कंसनट्रेटर्स पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है. डेढ़ हजार से ज्‍यादा ऑक्सीजन प्‍लांट बनाने का काम युद्ध स्‍तर जारी है, हिंदुस्‍तान के हर जिले तक पहुंचने का एक भगीरथ प्रयास किया जा रहा है, इस प्रयास के बीच स्किल्‍ड मेनपावर का पूल होना, इसमें नए लोगों का जुड़ते रहना भी जरूरी है. इसीलिए एक लाख से अधिक लोगों को ट्रेंड करने का लक्ष्‍य रखा गया है, यह कोर्स दो-तीन महीने में ही पूरा हो जाएगा, इसलिए ये लोग तुरंत काम के लिए उपलब्‍ध हो जाएंगेऔर एक ट्रेंड सहायक के रूप में वर्तमान व्‍यवस्‍था को सहायता देंगे. हर राज्‍य और यूटी की मांग के आधार पर देश के टॉप विशेषज्ञों ने यह क्रेश कोर्स डिजाइन किया गया है. आज छह नए कस्‍टमाइज कोर्स लांच किए जा रहे हैं.इस अभियान से कोविड से लड़ रही हमारे फ्रंटलाइन फोर्स को नई ऊर्जा मिलेगी और नौजवानों को रोजगार के लिए अवसर भी बढ़ेंगे. हेल्‍थ सेक्‍टर के लोगों ने कोरोना से निपटने के लिए अपनी स्किल को अपग्रेड या वेल्‍यूएड किया है और समय की यही मांग है. जिस तरह से तकनीक जीवन के हर क्षेत्र में प्रवेश कर रही है, हमें अपने को लगातार अपडेट करते रहने की जरूरत है.