
वरुण गांधी की फाइल फोटो
नई दिल्ली:
भारतीय जनता पार्टी( भाजपा) के सांसद वरुण गांधी ने सांसदों का वेतन और भत्ते तय करने के लिए एक बाहरी संस्था की जरूरत होने की बात कही. उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में इसे चार बार बढ़ाया गया है. साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या हमने वास्तव में इस भारी वेतन बढोत्तरी को हासिल किया है. वरुण ने यह बातें वड़ोदरा में एक विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा. उन्होंने इस दौरान कहा कि सांसदों का वेतन पिछले छह वर्षों में चार बार बढ़ाया गया लेकिन संसद एक वर्ष में केवल 50 दिन ही चली जबकि 1952-72 के दौरान संसद 130 दिन चलती थी. हमने वास्तव में इस भारी बढोत्तरी से क्या हासिल किया है.
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उन्होंने कहा कि सांसद के वेतन बढ़ोतरी को लेकर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को एक पत्र लिखा था और उनसे एक अभियान शुरू करने और अमीर सांसदों को अपने शेष कार्यकाल के लिए अपना वेतन छोड़ने के लिए कहने का सुझाव दिया था. वरुण ने कहा कि मौजूदा संसद में लोकसभा में 180 सांसद और राज्यसभा में 75 सासंदों ने अपनी आय 25 करोड़ और इससे अधिक दिखाई है. यदि वे अपना वेतन छोड़ दें तो सैकड़ों करोड़ रुपये की बचत होगी और सरकारी खजाने पर भार कम होगा. भाजपा सांसद ने कहा कि संसद में महिलाओं के लिए आरक्षणकी व्यवस्था की जानी चाहिए और इन सीटों पर शिक्षिकाओं, वकीलों और चिकित्सकों जैसी आम महिलाओं केचुने जाने को बढावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.(इनपुट भाषा से)
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उन्होंने कहा कि सांसद के वेतन बढ़ोतरी को लेकर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को एक पत्र लिखा था और उनसे एक अभियान शुरू करने और अमीर सांसदों को अपने शेष कार्यकाल के लिए अपना वेतन छोड़ने के लिए कहने का सुझाव दिया था. वरुण ने कहा कि मौजूदा संसद में लोकसभा में 180 सांसद और राज्यसभा में 75 सासंदों ने अपनी आय 25 करोड़ और इससे अधिक दिखाई है. यदि वे अपना वेतन छोड़ दें तो सैकड़ों करोड़ रुपये की बचत होगी और सरकारी खजाने पर भार कम होगा. भाजपा सांसद ने कहा कि संसद में महिलाओं के लिए आरक्षणकी व्यवस्था की जानी चाहिए और इन सीटों पर शिक्षिकाओं, वकीलों और चिकित्सकों जैसी आम महिलाओं केचुने जाने को बढावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.(इनपुट भाषा से)
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