बंगाल विधानसभा (Bengal Assembly) में बीजेपी (BJP) विधायकों की संख्या 77 से 75 पर आ गई है. बीजेपी के दो सांसद, जिन्होंने पार्टी हाईकमान के निर्देश पर चुनाव लड़ा था और जीते भी थे, ने आज दोपहर में विधानसभा अध्यक्ष को एपने इस्तीफे सौंप दिए. तृणमूल ने बीजेपी के इस कदम को लोकसभा में सुरक्षित खेलने का प्रयास बताते हुए उसका मजाक उड़ाया है. तृणमूल (Trinamool) ने केंद्र के बंगाल के सभी बीजेपी विधायकों को केंद्रीय सुरक्षा देने के फैसले की आलोचना की है और करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है.
निशित प्रमाणिक और जगन्नाथ सरकार उन पांच बीजेपी सांसदों में से हैं, जिन्हें विधानसभा चुनावों में पार्टी को सरकार बनने की उम्मीद में चुनाव मैदान में उतारा गया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब बीजेपी को साफ तौर पर लग रहा है कि वे संसद में अधिक उपयोगी हैं.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
रानाघाट के बीजेपी सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा कि बंगाल में नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे. अगर बीजेपी ने सरकार बनाई होती तो हमारी एक विशिष्ट भूमिका होती. अब ऐसा नहीं है, इसलिए पार्टी ने कहा है कि हमें सांसदों के रूप में रहना चाहिए और विधायक के पद से इस्तीफा देना चाहिए. इसलिए हम ऐसा कर रहे हैं. जगन्नाथ सरकार ने नाडिया जिले की शांतिपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी.
सांसद के रूप में प्रमाणिक और सरकार दोनों को केंद्रीय सुरक्षा प्राप्त है. यही नहीं बीजेपी के नंदीग्राम के विधायक सुवेन्दु अधिकारी, जो कि विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं, को जेड प्लस सुरक्षा हासिल है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में कहा है कि वह सभी बीजेपी विधायकों को उनको मिलने वाली धमकियों की धारणाओं की समीक्षा के आधार पर केंद्रीय सुरक्षा प्रदान करेगा. मंत्रालय इसके लिए बिल भी तैयार करेगा, सभी को 1.5 करोड़ प्रति माह.
आसनसोल दक्षिण के बीजेपी विधायक अग्निमित्र पॉल ने NDTV को बताया कि "दो साल तक मैंने बीजेपी के साथ बिना किसी समस्या के काम किया. लेकिन अभी 2 मई के बाद ... जिस दिन चुनाव परिणाम सामने आए, स्थिति बदल गई है. हमें सुरक्षा की आवश्यकता है. मुझे लगता है कि हमारा जीवन जोखिम में है. हम लोगों द्वारा चुने गए हैं, लेकिन यह राज्य सरकार की विफलता है कि केंद्र सुरक्षा प्रदान कर रहा है."
उत्तर 24 परगना के गायघाट से बीजेपी विधायक सुब्रत ठाकुर ने कहा, "निश्चित रूप से हमें केंद्र से सुरक्षा की आवश्यकता है क्योंकि हम बंगाल सरकार पर भरोसा नहीं कर सकते ... यदि निर्वाचित विधायक सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं, तो वे काम नहीं कर सकते."
तृणमूल ने विधायकों के इस्तीफे और केंद्रीय सुरक्षा, दोनों कदमों का विरोध किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि "उन्होंने उन लोगों का अपमान किया है जिन्होंने उन्हें वोट दिया है और उन्हें पहले संसद और फिर विधानसभा में भेजा है. दूसरा, केंद्र सरकार ने सभी विधायकों को सुरक्षा देने का फैसला किया है ... जो कि सार्वजनिक धन का गलत उपयोग है." उन्होंने कहा कि "ऐसा पहले कभी नहीं हुआ."
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं