
फाइल फोटो
नई दिल्ली:
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को वसंत कुंज इलाके के कुछ निवासियों की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें आरोप लगाया गया था कि अंतर-मंत्री स्तरीय समिति की सिफारिशों का उल्लंघन करके उनके क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाया जा रहा है।
याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति आर एस एंडलॉ ने वसंत कुंज के पॉकेट-4 के निवासियों को सलाह दी कि अगर वे अपने इलाके में मोबाइल टावर लगाने के खिलाफ हैं और मोबाइल टावरों से होने वाले हानिकारक विकिरण को लेकर चिंतित हैं तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना बंद करें और फिर से लैंडलाइन फोन का रुख कर लें।
इलाके के निवासियों का कहना था कि टावर उनकी कालोनी के भीतर लगाया जा रहा है जो मंत्री स्तरीय समिति की सिफारिशों का उल्लंघन है। उनका कहना है कि उनकी कालोनी में स्कूल है, जबकि समिति ने कहा था कि यह टावर आवासीय इलाकों अथवा स्कूलों या अस्पतालों के निकट नहीं लगाए जा सकते।
अदालत ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सिफारिशों पर विचार किया था और रिपोर्ट के कुछ पहलुओं पर अमल करना स्वीकार किया तथा ऐसी स्थिति में रिपोर्ट के कुछ पहलुओं को स्वीकार नहीं करने के लिए सरकार को गलत नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि यह नीतिगत निर्णय है।
याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति आर एस एंडलॉ ने वसंत कुंज के पॉकेट-4 के निवासियों को सलाह दी कि अगर वे अपने इलाके में मोबाइल टावर लगाने के खिलाफ हैं और मोबाइल टावरों से होने वाले हानिकारक विकिरण को लेकर चिंतित हैं तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना बंद करें और फिर से लैंडलाइन फोन का रुख कर लें।
इलाके के निवासियों का कहना था कि टावर उनकी कालोनी के भीतर लगाया जा रहा है जो मंत्री स्तरीय समिति की सिफारिशों का उल्लंघन है। उनका कहना है कि उनकी कालोनी में स्कूल है, जबकि समिति ने कहा था कि यह टावर आवासीय इलाकों अथवा स्कूलों या अस्पतालों के निकट नहीं लगाए जा सकते।
अदालत ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सिफारिशों पर विचार किया था और रिपोर्ट के कुछ पहलुओं पर अमल करना स्वीकार किया तथा ऐसी स्थिति में रिपोर्ट के कुछ पहलुओं को स्वीकार नहीं करने के लिए सरकार को गलत नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि यह नीतिगत निर्णय है।
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