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This Article is From Nov 18, 2016

भगवंत मान एक बार फिर गए, आप की 'आस' साधु पर...

भगवंत मान एक बार फिर गए, आप की 'आस' साधु पर...
आप सांसद भगवंत मान (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: एक तरफ तो दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल नोट बंदी के खिलाफ सड़कों पर हैं. वहीं संसद में इस मुद्दे पर उनकी पार्टी की आवाज़ कमजोर पड़ रही है. पार्टी के मुखर सांसद भगवंत मान को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने दो और हफ्तों के लिए सदन की कार्यवाही में हिस्सा न लेने की सलाह दी है. इसके साथ ही उन्होंने संसद की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भगवंत मान के वीडियो की जांच कर रही बीजेपी सांसद किरीट सोमैय्या की अध्यक्षता वाली समिति का कार्यकाल भी दो हफ्ते बढ़ा दिया है.

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के लोकसभा में चार सांसद हैं, इनमें से दो सांसद डॉक्टर धर्मवीर गांधी और हरिंदर सिंह खालसा को आम आदमी पार्टी ने ही पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित कर रखा है. जबकि भगवंत मान पिछले पूरे सत्र में सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सके थे. अब आम आदमी पार्टी की आवाज बुलंद करने की जिम्मेदारी पार्टी के अकेले बचे सांसद प्रोफेसर साधु सिंह पर है. राज्यसभा में अभी आम आदमी पार्टी का कोई सांसद नहीं है.

आम आदमी पार्टी की दिक्कत यह भी है कि वह पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में पंजाब से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों को उठाना चाह रही थी. इनमें यमुना सतलुज लिंक नहर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, नशाबंदी को लेकर राज्य सरकार की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं. पंजाब विधानसभा के चुनाव फरवरी मार्च में प्रस्तावित हैं. हालांकि तब संसद का बजट सत्र चल रहा होगा क्योंकि इस बार बजट सत्र एक महीने पहले ही शुरू हो जाएगा लेकिन तब बजट से जुड़े मुद्दे ही प्रमुखता से छाए रहने की संभावना है.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भगवंत मान के विषय पर 25 जुलाई को किरीट सोमैय्या की अध्यक्षता में नौ सांसदों की एक समिति बनाई थी. तब कई सांसदों ने शिकायत की थी कि भगवंत मान ने संसद की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया क्योंकि उन्होंने अंदर के संवदेनशील दृश्यों को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया था. 

इस समिति को आज अपनी रिपोर्ट देनी थी. स्पीकर ने आज कहा कि उन्हें समिति के अध्यक्ष की ओर से आवेदन मिला है कि समिति को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए दो सप्ताह का समय और चाहिए. इन कारणों पर गौर करने के बाद उन्होंने समिति को 19 नवंबर से दो सप्ताह का समय और देने का निर्णय लिया है.  साथ ही, उन्होंने भगवंत मान को सलाह दी है कि जब तक समिति की रिपोर्ट न आए, उन्हें सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेना चाहिए. किरीट समिति के कार्यकाल का तीसरी बार विस्तार किया गया है. संसद का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर तक चलेगा.

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