
सीएम अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कुमार विश्वास को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने सुल्तानपुर कोर्ट के समन पर रोक लगा दी है और यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. दोनों को आज वहां पेश होना था.
उल्लेखनीय है कि दोनों ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी में बिना इजाजत भाषण देने पर दर्ज FIR और कोर्ट के समन को चुनौती दी है.
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तब झटका लगा था जब 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में बिना अनुमति के भाषण देकर सड़कों को जाम करने के मामले में दर्ज एफआईआर और कोर्ट में दाखिल चार्जशीट पर जारी समन पर रोक लगाने के केजरीवाल और कुमार विश्वास की अर्जी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज कर दिया था.
केजरीवाल और कुमार विश्वास की तरफ से अदालत को बताया गया कि पुलिस अमेठी के गौरीगंज की जिस रैली का जिक्र कर रही है उसकी विधिसम्मत अनुमति ली जा चुकी थी इसलिए धारा 144 का उल्लंघन नहीं बनता. न तो दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और न उस वक्त के प्रत्याशी कुमार विश्वास गाड़ी से उतरे, जिससे कि जनता के आने-जाने में कोई व्यवधान पड़ता. साथ कि इस मामले में पुलिस के अलावा किसी प्राइवेट व्यक्ति ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है.
दरअसल, 20 अप्रैल 2014 को दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि धारा 144 लागू होने और बिना अनुमति के सभा करने से सड़कों पर जाम लग गया और आम जनता को भारी तकलीफ झेलनी पड़ी. इस मामले में 13 अप्रैल 2016 को दोनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी, जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने समन जारी किए गए थे.
उल्लेखनीय है कि दोनों ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी में बिना इजाजत भाषण देने पर दर्ज FIR और कोर्ट के समन को चुनौती दी है.
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तब झटका लगा था जब 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में बिना अनुमति के भाषण देकर सड़कों को जाम करने के मामले में दर्ज एफआईआर और कोर्ट में दाखिल चार्जशीट पर जारी समन पर रोक लगाने के केजरीवाल और कुमार विश्वास की अर्जी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज कर दिया था.
केजरीवाल और कुमार विश्वास की तरफ से अदालत को बताया गया कि पुलिस अमेठी के गौरीगंज की जिस रैली का जिक्र कर रही है उसकी विधिसम्मत अनुमति ली जा चुकी थी इसलिए धारा 144 का उल्लंघन नहीं बनता. न तो दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और न उस वक्त के प्रत्याशी कुमार विश्वास गाड़ी से उतरे, जिससे कि जनता के आने-जाने में कोई व्यवधान पड़ता. साथ कि इस मामले में पुलिस के अलावा किसी प्राइवेट व्यक्ति ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है.
दरअसल, 20 अप्रैल 2014 को दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि धारा 144 लागू होने और बिना अनुमति के सभा करने से सड़कों पर जाम लग गया और आम जनता को भारी तकलीफ झेलनी पड़ी. इस मामले में 13 अप्रैल 2016 को दोनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी, जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने समन जारी किए गए थे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं