
स्मृति ईरानी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को इन आरोपों को खारिज कर दिया कि भाजपा एवं आरएसएस से नाता रखने वाले शिक्षाविदों का विभिन्न पदों के लिए चयन किया जा रहा है तथा कि वह चुनिंदा आक्रोश की शिकार हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के नये अध्यक्ष वाई सुदर्शन राव सहित अधिकतर शिक्षाविदों को वास्तव में संप्रग शासन काल में ही पदोन्नत किया गया था।
स्मृति ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘राव को राष्ट्रीय प्राध्यापक तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री अजरुन सिंह ने बनाया था। नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष बलदेव शर्मा एक दैनिक के संपादक थे। सरकार द्वारा नियुक्त किए गए बहुत से लोग कांग्रेस शासन में भी थे।’’ स्मृति यहां मेल टुडे शिक्षा सम्मेलन में बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के नये अध्यक्ष वाई सुदर्शन राव सहित अधिकतर शिक्षाविदों को वास्तव में संप्रग शासन काल में ही पदोन्नत किया गया था।
स्मृति ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘राव को राष्ट्रीय प्राध्यापक तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री अजरुन सिंह ने बनाया था। नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष बलदेव शर्मा एक दैनिक के संपादक थे। सरकार द्वारा नियुक्त किए गए बहुत से लोग कांग्रेस शासन में भी थे।’’ स्मृति यहां मेल टुडे शिक्षा सम्मेलन में बोल रही थीं।
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