
हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद की तस्वीर...
जम्मू के कटरा में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। इस हादसे में पायलट समेत 7 की मौत हो गई है। यह हेलीकॉप्टर वैष्णो देवी श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा था। खबरों के मुताबिक, यह हेलीकॉप्टर हवा में ही आग के गोले में तब्दील हो गया था। यह हेलीकॉप्टर महिला पायलट सुनीता विजयन उड़ा रही थीं। हादसे की वजह से कटरा से सांझी छत के लिए हेलीकॉप्टर सेवा रोक दी गई।
पक्षी के टकराने से हुआ हादसा...
जम्मू के कटरा में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में यह बात सामने आ रही है कि उड़ान भरते ही हेलीकॉप्टर से एक पक्षी टकरा गया था जिसके बाद वह बेकाबू होकर क्रैश हो गया। इस हादसे में पायल व हेलीकॉप्टर में सवार 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हेलीकॉप्टर सांझी छत से कटरा लौट रहा था। हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पायलट सुमीता विजयन खुले इलाके में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारने की कोशिश कर रही थी जब वह क्रैश हो गया।
वायुसेना की पूर्व पायलट सुनीता हालांकि कामयाब नहीं हो सकीं क्योंकि हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से में लगा रॉटर क्षतिग्रस्त हो चुका था और वह नियंत्रण से बाहर हो गया था। एक इंजन वाला यह हेलीकॉप्टर साल 2010 में बना था। जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निरमल सिंह ने बताया, 'हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की जगह से एक मरा हुआ पक्षी मिला है। ऐसा लगता है कि हेलीकॉप्टर पक्षी से टकरा गया जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है। हम मामले की आगे की जांच करेंगे।'
हेलीकॉप्टर में सवार लोगों की पहचान पायलट सुनीता विजयन और छह श्रद्धालु- अर्जुन सिंह, महेश्वर, वंदना, अक्षिता, अमृतपाल सिंह और सचिन के रूप में हुई है। हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होते ही आग की लपटों से घिर गया।
जिला मजिस्ट्रेट और जिला पुलिस प्रमुख सहित वरिष्ठ पुलिस एवं नागरिक प्रशासन अधिकारी हादसे की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंच गए।

गौरतलब है कि वैष्णो देवी में हजारों श्रद्धालु रोज दर्शन के लिए जाते हैं। यह भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। पिछले नवरात्रि में एक लाख से अधिक लोग यहां दर्शन के लिए पहुंचे थे।
पहले भी हुए हैं ऐसे हादसे
पक्षी के टकराने से हुआ हादसा...
जम्मू के कटरा में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में यह बात सामने आ रही है कि उड़ान भरते ही हेलीकॉप्टर से एक पक्षी टकरा गया था जिसके बाद वह बेकाबू होकर क्रैश हो गया। इस हादसे में पायल व हेलीकॉप्टर में सवार 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हेलीकॉप्टर सांझी छत से कटरा लौट रहा था। हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पायलट सुमीता विजयन खुले इलाके में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारने की कोशिश कर रही थी जब वह क्रैश हो गया।
वायुसेना की पूर्व पायलट सुनीता हालांकि कामयाब नहीं हो सकीं क्योंकि हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से में लगा रॉटर क्षतिग्रस्त हो चुका था और वह नियंत्रण से बाहर हो गया था। एक इंजन वाला यह हेलीकॉप्टर साल 2010 में बना था। जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निरमल सिंह ने बताया, 'हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की जगह से एक मरा हुआ पक्षी मिला है। ऐसा लगता है कि हेलीकॉप्टर पक्षी से टकरा गया जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है। हम मामले की आगे की जांच करेंगे।'
हेलीकॉप्टर में सवार लोगों की पहचान पायलट सुनीता विजयन और छह श्रद्धालु- अर्जुन सिंह, महेश्वर, वंदना, अक्षिता, अमृतपाल सिंह और सचिन के रूप में हुई है। हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होते ही आग की लपटों से घिर गया।
जिला मजिस्ट्रेट और जिला पुलिस प्रमुख सहित वरिष्ठ पुलिस एवं नागरिक प्रशासन अधिकारी हादसे की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंच गए।

गौरतलब है कि वैष्णो देवी में हजारों श्रद्धालु रोज दर्शन के लिए जाते हैं। यह भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। पिछले नवरात्रि में एक लाख से अधिक लोग यहां दर्शन के लिए पहुंचे थे।
पहले भी हुए हैं ऐसे हादसे
- 30 जनवरी 2001 को सेना का चेतक हेलीकॉप्टर सांझी छत में क्रैश हुआ था।
- 30 दिसंबर 2012 को कटरा में हुए पवनहंस हेलीकॉप्टर क्रैश में ब्रिगेडियर रमन सहगल, दो पैरा कमांडो, एक पायलट और को पायलट समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।
- 1988 जुलाई में भी सांझी छत में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था, जिसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी।

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