बंगाल के नतीजों पर प्रशांत किशोर ने NDTV से कहा, 'यह एकतरफा लग सकते हैं, लेकिन यह बेहद कड़ा मुकाबला था'

पश्चि‍म बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना जारी है और अब तक सभी सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं. रुझानों के अनुसार ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर बड़ी जीत दर्ज करने जा रही है. इस जीत के साथ ही ममता बनर्जी हैट्रिक लगाएंगी.

बंगाल के नतीजों पर प्रशांत किशोर ने NDTV से कहा, 'यह एकतरफा लग सकते हैं, लेकिन यह बेहद कड़ा मुकाबला था'

नई दिल्ली:

पश्चि‍म बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना जारी है और अब तक सभी सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं. रुझानों के अनुसार ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर बड़ी जीत दर्ज करने जा रही है. इस जीत के साथ ही ममता बनर्जी हैट्रिक लगाएंगी. अभी तक मिले रुझानों/नतीजों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस को 200 से ज्यादा सीटें मिलने जा रही हैं. इस बार चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रशांत किशोर चुनावी रणनीतिकार रहे. उन्होंने चुनावी नतीजों को लेकर NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत की. उन्होंने कहा कि भले ही चुनावी नतीजे अभी एकतरफा दिख रहे हों लेकिन यह बेहद कड़ा मुकाबला था. हम बहुत अच्छा करने को लेकर आश्वस्त थे. भाजपा बड़े पैमाने पर दुष्प्रचार करने की कोशिश कर रही थी कि वे बंगाल जीत रहे हैं.'

उन्होंने NDTV को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा, 'मोदी जी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) की लोकप्रियता का यह मतलब नहीं है कि बीजेपी हर चुनाव जीत जाएगी.'

- BJP नेताओं ने 40 रैलियां कर लीं, इसका अर्थ यह कतई नहीं था कि TMC हार जाएगी...
- लोकसभा चुनाव के दौरान ममता की रैलियों में भी बहुत ज़्यादा भीड़ आती थी, फिर भी वह 18 सीटें हार गई थीं, सो, भीड़ का मतलब वोट नहीं होता...
- मैं मानता हूं कि BJP बेहद शक्तिशाली है, लेकिन उसका अर्थ यह नहीं था कि BJP जीत जाएगी
- TMC भले ही जीत गई है, लेकिन हर पार्टी को चुनाव आयोग के रवैये पर आपत्ति करनी चाहिए... वह पक्षपात करता रहा
- ममता बनर्जी की सबसे बड़ी ताकत उनका जनता के साथ जुड़ाव है... जिस तरह वह जनता से जुड़ जाती हैं, बहुत कम नेताओं को उस तरह करते देखा है...

करीब साल भर पहले बंगला में बीजेपी और तृणमूल के बीच जो लड़ाई शुरू हुई थी, उसमें जैसे ही तृणमूल कांग्रेस जबरदस्त जीत की ओर जाती दिखने लगी, दिसंबर में किए गए प्रशांत किशोर के ट्वीट को लेकर ट्विटर पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई. 

प्रशांत किशोर ने 21 दिसंबर को बीजेपी को अपना ट्वीट सेव कर रख लेने की चुनौती दी थी. चुनावी रणनीतिकार ने कहा था कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी को बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में दहाई के आंकड़े को पार करने में भी संघर्ष करना पड़ेगा, और अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो ट्विटर छोड़ देंगे.


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