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This Article is From Jul 20, 2020

जब सुप्रीम कोर्ट में सुनाई दी राजस्‍थान हाईकोर्ट की सुनवाई की 'गूंज', वकील मुकुल रोहतगी ने अभिषेक मनु सिंघवी से कहा..

वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट में एजीआर मामले में वोडाफोन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. रोहतगी ने इस मामले में सिंघवी से यह कहने में देर नहीं लगाई्, "डॉ.सिंघवी, राजस्थान हाईकोर्ट की सुनवाई यह सुनी जा सकती है. कृपया अपना माइक 'म्यूट' करें." .

जब सुप्रीम कोर्ट में सुनाई दी राजस्‍थान हाईकोर्ट की सुनवाई की 'गूंज', वकील मुकुल रोहतगी ने अभिषेक मनु सिंघवी से कहा..
अभिषेक मनु सिंघवी राजस्‍थान मामले में स्‍पीकर सीपी जोशी की ओर से पैरवी कर रहे हैं
नई दिल्ली:

Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट (Sachin Pilot) और 18 अन्‍य बागी विधायकों की ओर से उनकी विधानसभा सदस्‍यता से अयोग्‍य ठहराने को चुनौती देने संबंधी राजस्‍थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) की सुनवाई की 'गूंज' सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक भी 'पहुंच' गई. हालांकि यह चर्चा शीर्ष अदालत में अलग तरह से चर्चा का विषय बनी. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) विधानसभा सदस्‍यता इस मामले में राजस्‍थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. दूसरी ओर, केंद्र के AGR (समायोजित सकल राजस्व) दावों के मामले में सिंघवी भारती एयरटेल का प्रतिनिधित्‍व कर रहे हैं. सिंघवी ने अपने माइक्रोफोन को खुला छोड़ दिया था जिसके कारण हाईकोर्ट की सुनवाई के 'कुछ अंश' सुप्रीम कोर्ट में गूंजने लगी. 

वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट में एजीआर मामले में वोडाफोन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. रोहतगी ने इस मामले में सिंघवी से यह कहने में देर नहीं लगाई्, "डॉ.सिंघवी, राजस्थान हाईकोर्ट की सुनवाई यह सुनी जा सकती है. कृपया अपना माइक 'म्यूट' करें." गौरतलब है कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण इस समय अदालतों से जुड़े न्‍यायिक मामलों की सुनवाई वर्चुअली हो रही है. कोरोना वायरस को नियं‍त्रण में रखने के लिए दफ्तरों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्‍साहित किया जा रहा है. 

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सोमवार को सिंघवी ने तर्क दिया कि जब तक स्पीकर फैसला नहीं कर लेते कोर्ट इस मामले में दखल नहीं दे सकता है. सिंघवी ने कहा कि जब तक सचिन पायलट और उनके खेमे के बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता पर स्पीकर कोई फैसला नहीं लेते तब तक कोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकता है.सुनवाई के दौरान सिंघवी ने झारखंड के मामले का उदाहरण दिया. सिंघवी ने कहा कि यह केस ज्यूडिशियल रिव्यू के दायरे में नहीं आता है. स्पीकर के आदेश को लिमिटेड ग्राउंड पर ही चुनौती दी जा सकती है, लेकिन याचिका में वो ग्राउंड मौजूद नहीं है. विधायकों की याचिका अपरिपक्व है. 19 विधायकों वाली 'टीम पायलट' ने तर्क दिया कि राजस्थान अध्यक्ष द्वारा अयोग्‍यता से संबंधित नोटिस नहीं दिए जा सकते क्‍योंकि विधानसभा सत्र नहीं नहीं चल रहा है. गौरतलब है कि सचिन पायलट और अन्य विद्रोही विधायकों को "पार्टी विरोधी गतिविधि" के लिए नोटिस दिया गया था क्योंकि उन्होंने पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बुलाई गई कांग्रेस विधायकों की दो बैठकों में हिस्‍सा नहीं लिया था.

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