
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
रेलवे ने अपने कर्मचारियों की उत्पादकता और उनका कौशल बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण देने की योजना बनायी है. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने सभी महाप्रबंधकों को रेलवे कर्मचारियों के लिए कक्षा में पांच दिवसीय गहन कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की योजना बनाने को कहा है ताकि बेहतर सेवा और सुविधाओं के लिए यात्रियों की बढ़ती अपेक्षाएं पूरी की जा सके.
रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, अब एक ऐप से पता चल जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं
सभी मंडल के महाप्रबंधकों को एक पत्र में लोहानी ने कहा है कि बढ़ते रेल नेटवर्क, नयी ट्रेनों और यात्रियों की ओर से ‘‘बेहतर सेवा और सुविधाओं’’ की मांग के मद्देनजर सभी कर्मचारियों की उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने के लिए लघु अवधि में प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है.
पत्र में कहा गया है, ‘‘इसलिए, फैसला किया गया है कि हरेक मंडल में तमाम कर्मचारी अगले एक साल में अपने कार्य क्षेत्र में एक सप्ताह तक प्रासंगिक कौशल और जानकारी हासिल करेंगे. ’’ लोहानी ने पत्र में कहा है , ‘‘प्रशिक्षण की प्रकृति के हिसाब से पांच दिवसीय प्रशिक्षण काम के दौरान या रेलवे प्रशिक्षण केंद्रों में कक्षाओं के जरिए दिए जाएंगे. ’’
VIDEO- 6 महीनों में राजधानी और शताब्दी ट्रेनों का हो जाएगा कायाकल्प
‘सक्षम’ नामक परियोजना के तहत लोहानी ने सभी जीएम को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि प्रशिक्षण के लिए अपने संबंधित जोन में कर्मचारियों की प्रत्येक श्रेणी को तुरंत चिन्हित करने की जरूरत है.
रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, अब एक ऐप से पता चल जाएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं
सभी मंडल के महाप्रबंधकों को एक पत्र में लोहानी ने कहा है कि बढ़ते रेल नेटवर्क, नयी ट्रेनों और यात्रियों की ओर से ‘‘बेहतर सेवा और सुविधाओं’’ की मांग के मद्देनजर सभी कर्मचारियों की उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने के लिए लघु अवधि में प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है.
पत्र में कहा गया है, ‘‘इसलिए, फैसला किया गया है कि हरेक मंडल में तमाम कर्मचारी अगले एक साल में अपने कार्य क्षेत्र में एक सप्ताह तक प्रासंगिक कौशल और जानकारी हासिल करेंगे. ’’ लोहानी ने पत्र में कहा है , ‘‘प्रशिक्षण की प्रकृति के हिसाब से पांच दिवसीय प्रशिक्षण काम के दौरान या रेलवे प्रशिक्षण केंद्रों में कक्षाओं के जरिए दिए जाएंगे. ’’
VIDEO- 6 महीनों में राजधानी और शताब्दी ट्रेनों का हो जाएगा कायाकल्प
‘सक्षम’ नामक परियोजना के तहत लोहानी ने सभी जीएम को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि प्रशिक्षण के लिए अपने संबंधित जोन में कर्मचारियों की प्रत्येक श्रेणी को तुरंत चिन्हित करने की जरूरत है.