पंजाब के मोगा जिले में दो दिन पहले शिरोमणि अकाली दल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे किसानों द्वारा बाधित करने की कोशिश की गई थी. आज शनिवार को किसानों के विरोध को लेकर राज्य भाजपा ने अपने पूर्व सहयोगी का मजाक उड़ाया है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्विनी कुमार शर्मा ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के कार्यक्रम में गुरुवार को हुए विरोध प्रदर्शन से पता चलता है कि किसान केवल केंद्र में एनडीए सरकार के नेतृत्व से ही नाराज नहीं थे.
शर्मा ने शिअद के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए पूछा. "जब हम विरोध का सामना कर रहे थे, तो ये दल (आप, कांग्रेस और अकाली दल) कहते थे कि 'भाजपा के खिलाफ गुस्सा था'. अब आप मोगा की घटना को क्या कहेंगे?"
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उन्होंने पूछा, "आपको अपना अभियान स्थगित करने के लिए मजबूर क्यों किया गया?"
मोगा में शिरोमणि अकाली दल के कार्यक्रम स्थल पर जबरन घुसने की कोशिश करने वाले किसानों के एक समूह को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को गुरुवार को पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ दिन पहले भी शिअद को मोगा के बाघापुराना में एक अन्य कार्यक्रम में किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा था.
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) पिछले साल पेश किए गए तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी विरोध का नेतृत्व कर रही है. कानून पारित होने पर शिअद भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का हिस्सा था.
बाद में इसने किसानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए गठबंधन छोड़ दिया. हालांकि, इससे किसानों का पार्टी के खिलाफ विरोध कम नहीं हुआ है, जैसा कि हाल के विरोध प्रदर्शनों से स्पष्ट है.
एसकेएम ने पहले भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले राजनीतिक दलों के बहिष्कार का आह्वान किया था.
हालांकि, हाल ही में कांग्रेस सहित हर राजनीतिक दलों को बड़े पैमाने पर किसानों का समर्थन करते देखा गया था, उन्हें पंजाब में विरोध का सामना करना पड़ा है. वो भी तब जब हाल ही में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा गन्ने की कीमतों में वृद्धि की गई है.
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