
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
मुंबई:
एक स्थानीय समाचार चैनल के शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और उनके अलग हो गए चचेरे भाई और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के कथित तौर पर गुप्त रूप से मिलने की खबर प्रसारित करने के एक दिन बाद पार्टी सांसद संजय राउत ने रविवार को उन खबरों को ‘गलत’ बताया और कहा कि राजनैतिक तहलका मचाने के लिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को उद्धृत करते हुए राउत ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि शिवसेना और मनसे के अध्यक्ष राजनैतिक चर्चा के लिए शुक्रवार को मिले। भ्रम पैदा करने के लिए झूठी सूचना फैलाई जा रही है। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की कोई बैठक नहीं हुई है।’’
ठाकरे को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना एक स्वतंत्र और शक्तिशाली राजनैतिक दल है और गोपनीय बैठक करने में विश्वास नहीं करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई राजनैतिक घटनाक्रम नहीं हो रहा होता है तो कुछ लोग अफवाहों को खबर बना देते हैं।’’ एक निजी समाचार चैनल ने कल दावा किया था कि दोनों नेता आगामी कल्याण-डोंबीवली और कोल्हापुर नगर निगमों के चुनाव पर चर्चा करने के लिए गोपनीय स्थान पर मिले थे।
राउत ने कहा कि शिवसेना मुंबई, ठाणे और कल्याण-डोंबीवली के नगर निगम चुनावों में विजयी होगी। चुनाव इस साल अक्तूबर में होने वाले हैं।
कोल्हापुर में भाजपा ने एक स्थानीय संगठन तारा रानी समूह के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन करने का फैसला किया है। इसलिए शिवसेना ने वहां अपने सहयोगी के साथ गठबंधन तोड़ लिया है। यह माना जा रहा है कि शिवसेना और मनसे नगर निगम चुनाव लड़ने के लिए एक साथ आ सकती है।
शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री के आवास पर (उद्धव के पुत्र) आदित्य के उनसे मुलाकात करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ठाकरे एक-दूसरे के करीब आए हैं।
शिवसेना के एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की बैठक के बाद मोदीजी ने उद्धवजी को कॉल किया और भ्रम को दूर किया। उसके बाद से दोनों करीब आ गए हैं। उद्धवजी अभी मनसे की ओर नहीं जाएंगे और एकबार फिर भाजपा को दरकिनार नहीं करेंगे।’’
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को उद्धृत करते हुए राउत ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि शिवसेना और मनसे के अध्यक्ष राजनैतिक चर्चा के लिए शुक्रवार को मिले। भ्रम पैदा करने के लिए झूठी सूचना फैलाई जा रही है। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की कोई बैठक नहीं हुई है।’’
ठाकरे को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना एक स्वतंत्र और शक्तिशाली राजनैतिक दल है और गोपनीय बैठक करने में विश्वास नहीं करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई राजनैतिक घटनाक्रम नहीं हो रहा होता है तो कुछ लोग अफवाहों को खबर बना देते हैं।’’ एक निजी समाचार चैनल ने कल दावा किया था कि दोनों नेता आगामी कल्याण-डोंबीवली और कोल्हापुर नगर निगमों के चुनाव पर चर्चा करने के लिए गोपनीय स्थान पर मिले थे।
राउत ने कहा कि शिवसेना मुंबई, ठाणे और कल्याण-डोंबीवली के नगर निगम चुनावों में विजयी होगी। चुनाव इस साल अक्तूबर में होने वाले हैं।
कोल्हापुर में भाजपा ने एक स्थानीय संगठन तारा रानी समूह के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन करने का फैसला किया है। इसलिए शिवसेना ने वहां अपने सहयोगी के साथ गठबंधन तोड़ लिया है। यह माना जा रहा है कि शिवसेना और मनसे नगर निगम चुनाव लड़ने के लिए एक साथ आ सकती है।
शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री के आवास पर (उद्धव के पुत्र) आदित्य के उनसे मुलाकात करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ठाकरे एक-दूसरे के करीब आए हैं।
शिवसेना के एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की बैठक के बाद मोदीजी ने उद्धवजी को कॉल किया और भ्रम को दूर किया। उसके बाद से दोनों करीब आ गए हैं। उद्धवजी अभी मनसे की ओर नहीं जाएंगे और एकबार फिर भाजपा को दरकिनार नहीं करेंगे।’’
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