
प्रतिकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
रेलवे ने एक जुलाई से वेटिंग और तत्काल बुकिंग के नियमों में बदलाव से जुड़ी खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में रेलवे ने एक विज्ञप्ति जारी की है जिसमें कहा गया है कि यह खबर पूरी तरह असत्य है।
रेलवे ने कहा कि यह नोटिस किया गया है कि विभिन्न सोशल मीडिया मंचों, व्हाट्सअप, और कुछ वेबसाइटों पर यह खबर चल रही है कि एक जुलाई से कई बदलाव किये जा रहे हैं और कई सुविधाएं शुरू की जा रही है। विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मीडिया के एक वर्ग ने रेलवे के अधिकृत सूत्रों से पुष्टि किए बगैर ही ऐसी खबरों को प्रकाशित कर दिया और जिससे आम लोग संशय में हैं।’’
रेलवे ने कहा कि शताब्दी और राजधानी ट्रेनों या ट्रेन के किसी भी श्रेणी के लिए कागज टिकटों को बंद करने का प्रस्ताव नहीं है। हां, ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए, एसएमएस से प्राप्त टिकट शासन द्वारा मान्य परिचय पत्र के साथ वैध है। विज्ञप्ति के अनुसान नवंबर, 2015 में अधिसूचित रिफंड नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। रेलवे अक्टूबर से नई समय सारिणी लाएगा।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रेलवे ने कहा कि यह नोटिस किया गया है कि विभिन्न सोशल मीडिया मंचों, व्हाट्सअप, और कुछ वेबसाइटों पर यह खबर चल रही है कि एक जुलाई से कई बदलाव किये जा रहे हैं और कई सुविधाएं शुरू की जा रही है। विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मीडिया के एक वर्ग ने रेलवे के अधिकृत सूत्रों से पुष्टि किए बगैर ही ऐसी खबरों को प्रकाशित कर दिया और जिससे आम लोग संशय में हैं।’’
रेलवे ने कहा कि शताब्दी और राजधानी ट्रेनों या ट्रेन के किसी भी श्रेणी के लिए कागज टिकटों को बंद करने का प्रस्ताव नहीं है। हां, ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए, एसएमएस से प्राप्त टिकट शासन द्वारा मान्य परिचय पत्र के साथ वैध है। विज्ञप्ति के अनुसान नवंबर, 2015 में अधिसूचित रिफंड नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। रेलवे अक्टूबर से नई समय सारिणी लाएगा।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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