
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (फाइल फोटो)
पटना:
केंद्रीय मंत्री एवं एलजेपी सुप्रीमो रामविलास पासवान ने बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए केन्द्र की ओर से सभी तरह की सहायता मुहैया कराए जाने का आश्वासन दिया है. यही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद को बाढ़ पीड़ितों की कोई चिंता नहीं है.
पटना में फेडरेशन ऑफ पीटीआई एम्प्लायज यूनियन्स की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के पूर्व संवाददाताओं से बातचीत के दौरान पत्रकारों के आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद द्वारा केन्द्र पर बिहार के बाढ़ पीड़ितों को समुचित मदद उपलब्ध नहीं कराने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर पासवान ने कहा कि बिहार सरकार यदि बाढ़ पीड़ितों के लिए अनाज मांगेगी तो केन्द्र द्वारा उसे तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पत्र मिलने पर उनके मंत्रालय ने 20,000 टन अनाज आवंटित किया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य को आगे जितने भी अनाज की जरूरत पड़ेगी, केन्द्र उसे मुहैया कराएगी. पासवान ने बिहार की सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन पर राज्य के बाढ़ पीड़ितों के लिए कुछ भी नहीं करने और महज राजनीति करने आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, 'लोगों के पास समय ही नहीं है कि बाढ़ पीड़ितों की मदद करे या उनके लिए केन्द्र से सहायता मांगे.' उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा, 'किसी को बाढ़ और बिहार की चिंता नहीं है.
किसी को प्रधानमंत्री बनने की चिंता है और कोई कहते हैं कि गंगा मैया घर आ गई दर्शन करो, खुशी मनाओ.' पासवान ने तंज किया कि कल यदि बाढ़ में बहकर आया सांप किसी को काट लेगा तो कहेंगे कि नाग देवता आए हैं, खुशी मनाइये कि आपकी मृत्यु हो गई.
एलजेपी प्रमुख रामविलास पासवान ने नीतीश के बिहार में गंगा नदी में आई बाढ़ के लिए फरक्का बांध को जिम्मेदार ठहराने के दावे पर प्रहार करते हुए कहा कि बाढ़ के समय पहली प्राथमिकता राहत और बचाव कार्य होनी चाहिए. हमें लोगों तक राहत पहुंचाने के मामले में सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए. बाढ़ कैसे आई या फरक्का इसके लिए जिम्मेदार है, इन मुद्दों पर बाद में भी चर्चा की जा सकती है.
बिहार सरकार द्वारा बाढ़ पीडितों के बीच चलाए जा रहे राहत कार्यों के बारे में पूछे गए सवाल पर पासवान ने इसे असंतोषजनक बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार का राहत कार्य केवल कागजों में सिमटा हुआ है. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित इलाकों में न तो प्रभावित लोगों तक पहुंचने के लिए नावें उपलब्ध हैं और न ही प्रभावित लोगों तक राशन पहुंचाया जा रहा है.
पासवान ने आरोप लगाया कि वे बाढ़ पीड़ित इलाकों का दौरा करने गए थे पर उनके साथ ऐसे अधिकारियों को भेजा गया, जो उन्हें बाढ़ पीड़ितों तक नहीं पहुंचने दे रहे थे. उन्होंने कहा कि वह एनडीआरएफ कर्मियों की मदद से कुछ इलाकों में बाढ़ पीड़ितों से मिलने जा पाए.
पासवान ने आरोप लगाया कि गत 25 अगस्त को जब वह अपने संसदीय क्षेत्र हाजीपुर के राघोपुर के बाढ़ इलाकों के भ्रमण कर रहे थे, उस दौरान राज्य सरकार द्वारा उन्हें ऐसी खराब नाव उपलब्ध करायी गई जो पलटते-पलटते बची.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पटना में फेडरेशन ऑफ पीटीआई एम्प्लायज यूनियन्स की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के पूर्व संवाददाताओं से बातचीत के दौरान पत्रकारों के आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद द्वारा केन्द्र पर बिहार के बाढ़ पीड़ितों को समुचित मदद उपलब्ध नहीं कराने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर पासवान ने कहा कि बिहार सरकार यदि बाढ़ पीड़ितों के लिए अनाज मांगेगी तो केन्द्र द्वारा उसे तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पत्र मिलने पर उनके मंत्रालय ने 20,000 टन अनाज आवंटित किया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य को आगे जितने भी अनाज की जरूरत पड़ेगी, केन्द्र उसे मुहैया कराएगी. पासवान ने बिहार की सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन पर राज्य के बाढ़ पीड़ितों के लिए कुछ भी नहीं करने और महज राजनीति करने आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, 'लोगों के पास समय ही नहीं है कि बाढ़ पीड़ितों की मदद करे या उनके लिए केन्द्र से सहायता मांगे.' उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा, 'किसी को बाढ़ और बिहार की चिंता नहीं है.
किसी को प्रधानमंत्री बनने की चिंता है और कोई कहते हैं कि गंगा मैया घर आ गई दर्शन करो, खुशी मनाओ.' पासवान ने तंज किया कि कल यदि बाढ़ में बहकर आया सांप किसी को काट लेगा तो कहेंगे कि नाग देवता आए हैं, खुशी मनाइये कि आपकी मृत्यु हो गई.
एलजेपी प्रमुख रामविलास पासवान ने नीतीश के बिहार में गंगा नदी में आई बाढ़ के लिए फरक्का बांध को जिम्मेदार ठहराने के दावे पर प्रहार करते हुए कहा कि बाढ़ के समय पहली प्राथमिकता राहत और बचाव कार्य होनी चाहिए. हमें लोगों तक राहत पहुंचाने के मामले में सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए. बाढ़ कैसे आई या फरक्का इसके लिए जिम्मेदार है, इन मुद्दों पर बाद में भी चर्चा की जा सकती है.
बिहार सरकार द्वारा बाढ़ पीडितों के बीच चलाए जा रहे राहत कार्यों के बारे में पूछे गए सवाल पर पासवान ने इसे असंतोषजनक बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार का राहत कार्य केवल कागजों में सिमटा हुआ है. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित इलाकों में न तो प्रभावित लोगों तक पहुंचने के लिए नावें उपलब्ध हैं और न ही प्रभावित लोगों तक राशन पहुंचाया जा रहा है.
पासवान ने आरोप लगाया कि वे बाढ़ पीड़ित इलाकों का दौरा करने गए थे पर उनके साथ ऐसे अधिकारियों को भेजा गया, जो उन्हें बाढ़ पीड़ितों तक नहीं पहुंचने दे रहे थे. उन्होंने कहा कि वह एनडीआरएफ कर्मियों की मदद से कुछ इलाकों में बाढ़ पीड़ितों से मिलने जा पाए.
पासवान ने आरोप लगाया कि गत 25 अगस्त को जब वह अपने संसदीय क्षेत्र हाजीपुर के राघोपुर के बाढ़ इलाकों के भ्रमण कर रहे थे, उस दौरान राज्य सरकार द्वारा उन्हें ऐसी खराब नाव उपलब्ध करायी गई जो पलटते-पलटते बची.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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