
Farm Laws: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा तीनों कृषि कानूनों (Farm Laws)के अमल पर रोक लगाने के आदेश का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने स्वागत किया और इसे किसानों के लिए न्याय की दिशा में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आंदोलन से उत्पन्न स्थिति का समाधान खोजने के प्रयास में तीनों विवादास्पद कानूनों के अमल पर रोक लगाने के साथ ही किसानों की शंकाओं और शिकायतों पर विचार के लिये एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी.
किसानों ने कहा, 'सरकार SC के ज़रिए कमेटी गठित करने की कोशिश कर रही है, सारे सदस्य कानून समर्थक'
महाराष्ट्र के मंत्री और राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने ट्वीट किया, ‘‘कृषि कानूनों के अमल पर उच्चतम न्यायालय की रोक स्वागतयोग्य और किसानों के लिए न्याय की दिशा में उठाया गया सकारात्मक कदम है.''
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार को अब इस तरह से काम करने का अपना अड़ियल रवैया छोड़ देना चाहिए और अपनी भूल को स्वीकार कर उसे ठीक करना चाहिए.''महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार में कांग्रेस के साथ राकांपा भी घटक है.
कृषि कानूनों पर SC के फैसले का कांग्रेस ने किया स्वागत लेकिन समिति को लेकर कही यह बात..
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आंदोलन से उत्पन्न स्थिति का समाधान खोजने के प्रयास में तीनों विवादास्पद कानूनों के अमल पर रोक लगाने के साथ ही किसानों की शंकाओं और शिकायतों पर विचार के लिये एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है.कोर्ट ने हरसिमरत मान, कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी, डॉ प्रमोद कुमार जोशी (पूर्व निदेशक राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन), अनिल धनवत के नाम कमेटी के सदस्य के तौर पर सुझाए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों को लागू करने पर अगले आदेश तक लगाई रोक
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं